कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आतंकवाद को लेकर भारत की सख्त और अडिग नीति को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत शांति और स्थिरता के लिए किए जाने वाले हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।
कुआलालंपुर में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस बयान को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेंगे। इसमें आतंकवाद निरोध, खुफिया जानकारी साझा करना, समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग का विस्तार शामिल है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आतंकवाद पर हमारा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है— न कोई दोहरा मापदंड और न ही कोई समझौता।”
भारत-मलेशिया संबंधों को “बेहद विशेष” बताते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के रिश्तों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं। सदियों से हमारे लोगों के बीच गहरे और आत्मीय संबंध रहे हैं। आज मलेशिया में भारतीय मूल की आबादी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी है। हमारी सभ्यताएं, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्य हमें जोड़ते हैं।”
पीएम मोदी ने मलेशिया को सफल आसियान (ASEAN) अध्यक्षता के लिए बधाई दी और क्षेत्रीय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा, “इंडो-पैसिफिक क्षेत्र विकास, शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका को प्राथमिकता देता है।”
यह संयुक्त प्रेस बयान दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद आया, जिसमें भारत और मलेशिया के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब भारत ने संकेत दिया है कि भगोड़े इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी इस दौरे के दौरान उठाया जाएगा। यात्रा से पहले विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि द्विपक्षीय वार्ता में सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी।
पूर्व-दौरा ब्रीफिंग में सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने कहा, “ज़ाकिर नाइक के मामले को लेकर हम आश्वस्त करते हैं कि सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। जब तक सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होतीं, हम इस विषय को उठाते रहेंगे।”
अगस्त 2024 में भारत यात्रा के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा था कि यदि ज़ाकिर नाइक के खिलाफ ठोस सबूत सामने आते हैं, तो मलेशिया आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा था, “यदि किसी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कट्टरपंथ या हिंसा से जुड़े प्रमाण मिलते हैं, तो यह हमारे लिए गंभीर चिंता का विषय है।”
ज़ाकिर नाइक भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को 2016 के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित है। उस पर भड़काऊ भाषणों और नफरत फैलाने के आरोप हैं। उसका चैनल ‘पीस टीवी’ भारत सहित कई देशों में प्रतिबंधित है और उसे ब्रिटेन व कनाडा में प्रवेश से भी इनकार किया जा चुका है।
बैठक के बाद पीएम मोदी ने इंडो-पैसिफिक को लेकर भारत के दृष्टिकोण को दोहराते हुए कहा, “इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दुनिया की विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।”
वहीं, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका की भी सराहना की।
भारत और मलेशिया ने रक्षा-सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की घोषणा की। भविष्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “एआई और डिजिटल तकनीकों के साथ-साथ हम सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा में साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे।”













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