डेस्क : अमेरिका के टेक्सास राज्य से रिपब्लिकन सांसद ब्रैंडन गिल के एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। डलास क्षेत्र में कथित “इस्लामीकरण” को लेकर की गई उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘रियल अमेरिकाज वॉयस’ को दिए एक इंटरव्यू में ब्रैंडन गिल ने कहा कि डलास के कुछ स्थानीय मॉल में जाने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे अमेरिका में नहीं, बल्कि पाकिस्तान में हों। उन्होंने इस बदलाव को डलास की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए चिंता जताई और दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग भी इसी तरह की भावना व्यक्त कर रहे हैं। गिल ने आरोप लगाया कि जिन जमीनों पर दशकों से स्थानीय परिवार रहते आए हैं, उनके आसपास अब मस्जिदें बनाई जा रही हैं, जिसे वे एक गंभीर समस्या मानते हैं।
इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर गिल के बयान को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने उनकी टिप्पणी को निजी संदर्भों से जोड़ते हुए निशाना साधा। खास तौर पर उनकी भारतीय मूल की पत्नी डेनियल डीसूजा गिल का जिक्र करते हुए कुछ लोगों ने तंज कसा कि पाकिस्तान का नाम लेना महज राजनीतिक नहीं, बल्कि निजी पसंद-नापसंद से भी प्रेरित है। एक यूजर ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि गिल “नई दिल्ली की आदतों” से इतने प्रभावित हो गए हैं कि पाकिस्तान का जिक्र अब उनके स्वभाव का हिस्सा बन गया है।
डेनियल डीसूजा गिल, भारतीय-अमेरिकी लेखक और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले दिनेश डीसूजा की बेटी हैं। यह पहली बार नहीं है जब यह दंपत्ति विवादों में आया हो। इससे पहले न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी को लेकर भी दोनों सुर्खियों में रहे थे। उस मामले में ब्रैंडन गिल ने ममदानी का हाथ से चावल खाते हुए एक वीडियो साझा कर उन्हें “असभ्य” बताया था और “तीसरी दुनिया” में लौटने की सलाह दी थी। इस पर डेनियल डीसूजा गिल ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा था कि वह अमेरिका में पली-बढ़ी हैं और हमेशा फोर्क का इस्तेमाल करती हैं। आलोचना बढ़ने पर उन्होंने खुद को “क्रिश्चियन मागा देशभक्त” बताते हुए कहा था कि उनके ईसाई रिश्तेदार भी हाथ से भोजन नहीं करते।
कौन हैं ब्रैंडन गिल?
ब्रैंडन गिल टेक्सास के 26वें कांग्रेस जिले से सांसद हैं और 2024 में पहली बार निर्वाचित हुए थे। वे अपने सख्त आव्रजन-विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं और ‘शरिया-मुक्त अमेरिका’ जैसे अभियानों का समर्थन कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने सोमालिया से आने वाले प्रवासियों पर 25 साल के प्रतिबंध से जुड़ा एक बिल भी पेश किया है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
