डेस्क : जिनेवा में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के बावजूद अमेरिका ने ईरान की तरफ सैन्य कदम बढ़ा दिया है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में 50 से ज्यादा फाइटर जेट तैनात किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन फाइटर जेट्स के साथ कई एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी देखे गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी चल रही है।
अमेरिकी युद्धपोत पहले से ही इस क्षेत्र में तैनात हैं। USS गेराल्ड आर. फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन से निकलकर मिड-अटलांटिक पहुंच चुका है और ईरान की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर—USS महान, USS बैनब्रिज और USS विंस्टन चर्चिल—भी आगे बढ़ रहे हैं। USS अब्राहम लिंकन और अन्य युद्धपोत पहले से ही इलाके में मौजूद हैं।
ईरान-अमेरिका की अप्रत्यक्ष बातचीत का दूसरा दौर मंगलवार को हुआ। ईरान ने परमाणु मुद्दों और प्रतिबंधों में ढील पर अपने रुख को स्पष्ट किया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, “रास्ता खुल चुका है और इसका परिणाम समझौते के रूप में निकल सकता है। पिछली बैठक की तुलना में अच्छी प्रगति हुई है।” दोनों पक्ष तीसरे दौर की बैठक के लिए भी सहमत हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर शामिल थे।













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