डेस्क : संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक वार्ता की मेजबानी को लेकर पाकिस्तान की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। इस्लामाबाद जहां दोनों देशों के बीच बातचीत के एक दौर की संभावना देख रहा था, वहीं ताजा सैन्य तनाव ने पूरे समीकरण को बदल दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर हमला कर स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ईरानी बलों ने होरमुज जलडमरूमध्य में गोलाबारी की, जिसमें अमेरिका से जुड़े समुद्री लक्ष्यों को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में से एक क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटिश मालवाहक पोत की दिशा में भी गोलीबारी की गई, जिससे पश्चिमी देशों और समुद्री व्यापार से जुड़ी कंपनियों की चिंता बढ़ गई है।
इससे पहले अमेरिका की ओर से संकेत मिले थे कि वार्ता की संभावनाओं को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेजा जा सकता है। हालांकि ताजा तनाव के बाद निकट भविष्य में किसी भी कूटनीतिक पहल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, संभावित वार्ता को देखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, लेकिन अचानक बढ़े तनाव ने क्षेत्रीय समीकरण बदल दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि होरमुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है। यदि कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और गहरा सकती है।













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