नई दिल्ली :विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (आईएएफएस-४) दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग को “अधिक महत्वाकांक्षी, अधिक समावेशी और भविष्य उन्मुख” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
नई दिल्ली में आईएएफएस-४ के आधिकारिक लोगो, थीम और वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत और अफ्रीका के संबंध केवल औपचारिक कूटनीतिक साझेदारी नहीं हैं, बल्कि यह साझा इतिहास, पारस्परिक विश्वास और विकास की समान आकांक्षाओं पर आधारित हैं।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत-अफ्रीका साझेदारी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह सहयोग न केवल आर्थिक विकास को गति दे सकता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और संतुलन में भी योगदान दे सकता है।
विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि भारत ने अफ्रीकी देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए हाल के वर्षों में 17 नए दूतावास स्थापित किए हैं, जिससे पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में भारत के कुल राजनयिक मिशनों की संख्या 46 तक पहुंच गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज अफ्रीका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों और प्रमुख निवेशकों में से एक है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।
जयशंकर ने विश्वास जताया कि आगामी आईएएफएस-४ सम्मेलन भारत और अफ्रीका के बीच साझेदारी को नई दिशा देगा और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप एक व्यापक एवं आधुनिक एजेंडा तैयार करेगा।
गौरतलब है कि भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन का यह चौथा संस्करण आगामी महीनों में आयोजित किया जाएगा, जिसे दोनों क्षेत्रों के बीच रणनीतिक सहयोग के एक नए चरण के रूप में देखा जा रहा है।













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