• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
बदलते समीकरणों का बंगाल: सत्ता, समझौते और जनादेश की कहानी

बदलते समीकरणों का बंगाल: सत्ता, समझौते और जनादेश की कहानी

May 12, 2026
बीच समुद्र में भारतीय जहाज़ पर हमला, भारत ने कहा—यह पूरी तरह अस्वीकार्य

बीच समुद्र में भारतीय जहाज़ पर हमला, भारत ने कहा—यह पूरी तरह अस्वीकार्य

May 14, 2026
राष्ट्रीय दृष्टि से महत्वपूर्ण: चुनाव आयोग ने लोकतंत्र को सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए

निर्वाचन आयोग की बड़ी पहल, देश के कई राज्यों में गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू

May 14, 2026
अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन पर ईरान ने ब्रिक्स से मांगा स्पष्ट रुख

अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन पर ईरान ने ब्रिक्स से मांगा स्पष्ट रुख

May 14, 2026
ब्रिक्स को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वय और संवाद जरूरी: जयशंकर

ब्रिक्स को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वय और संवाद जरूरी: जयशंकर

May 14, 2026
आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक

पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत, आरबीआई की चेतावनी से बढ़ी चिंता

May 14, 2026
जयपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर ब्लास्ट, 1 की मौत और 2 घायल

देवास की पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, तीन मजदूरों की मौत; दो दर्जन से अधिक घायल

May 14, 2026
केरल में वी. डी. सतीशन होंगे नए मुख्यमंत्री, वेणुगोपाल को बड़ा झटका

केरल में वी. डी. सतीशन होंगे नए मुख्यमंत्री, वेणुगोपाल को बड़ा झटका

May 14, 2026
कर्नाटक

सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार की चर्चा फिर तेज, पोस्टरों से बढ़ी सियासी हलचल

May 14, 2026
बदायूं में रिश्तों की हत्या: पति ने पत्नी की अस्मत का सौदा कर गैंगरेप कराया

दिल्ली दहला: रानी बाग में चलती स्लीपर बस में गैंगरेप, बिहार नंबर की बस जब्त

May 14, 2026
ईडी की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता के पूर्व डीसीपी दबोचे गए

ईडी की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता के पूर्व डीसीपी दबोचे गए

May 14, 2026
ट्रंप बोले- अमेरिका और चीन के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे

ट्रंप बोले- अमेरिका और चीन के संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे

May 14, 2026
साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक, प्रधानमंत्री कार्यालय के नए युग की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करवा रहे मंत्रियों का मूल्यांकन, जल्द हो सकता है विस्तार

May 14, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, May 14, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home ओपिनियन

बदलते समीकरणों का बंगाल: सत्ता, समझौते और जनादेश की कहानी

लिली कर्मकार।।

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
May 12, 2026
in ओपिनियन
Reading Time: 1 min read
A A
0
बदलते समीकरणों का बंगाल: सत्ता, समझौते और जनादेश की कहानी

The image was created by ChatGPT

तृणमूल कांग्रेस का जन्म ही भाजपा के समर्थन और उस दौर के राजनीतिक समीकरणों के बीच हुआ था। एक समय ममता बनर्जी ने स्वयं कहा था- “भाजपा को साथ लेकर लड़ेंगे।” बाद में वे भाजपा-नीत केंद्र सरकार में मंत्री भी बनीं। सिंगूर आंदोलन के दौरान राजनाथ सिंह और भाजपा नेताओं का तृणमूल के साथ खड़ा होना यह समझने के लिए काफी है कि उस समय बंगाल में वाम सरकार को हटाने के लिए All India Trinamool Congress जैसी ताकत की आवश्यकता क्यों महसूस की गई थी। तृणमूल के बिना बंगाल में वाम मोर्चे को सत्ता से हटाना आसान नहीं था। सत्ता में आने के बाद तृणमूल ने खुद को मुस्लिम हितैषी दल के रूप में प्रस्तुत किया और मुस्लिम वोटों का बड़ा हिस्सा अपने पक्ष में कर लिया। इससे वामपंथ की आरएसएस-विरोधी राजनीति कमजोर हुई और संघ परिवार को बंगाल में जमीन बनाने का अवसर मिला। बदले में राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण का माहौल भी धीरे-धीरे सामान्य होता गया। समय के साथ ममता बनर्जी ने समझ लिया कि मुस्लिम वोट सत्ता बनाए रखने की बड़ी कुंजी हैं। लेकिन वास्तविक सामाजिक और आर्थिक विकास की जगह प्रतीकात्मक राजनीति ज्यादा दिखाई दी। हिजाब, धार्मिक पहचान और दिखावटी “मुस्लिम प्रेम” की राजनीति ने Bharatiya Janata Party को यह प्रचार करने का अवसर दिया कि राज्य में “तुष्टिकरण” हो रहा है। इसी राजनीति ने बंगाल में भाजपा को प्रासंगिक बना दिया। दूसरी तरफ तृणमूल को यह डर भी था कि यदि वामपंथ दोबारा मजबूत होकर लौट आया, तो शारदा, नारदा और अन्य भ्रष्टाचार मामलों की पूरी राजनीतिक जवाबदेही सामने आएगी। इसलिए भाजपा को पूरी तरह रोकने के बजाय एक सीमित स्तर तक बढ़ने दिया गया, ताकि राजनीति का केंद्र रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों से हटकर धर्म और ध्रुवीकरण पर टिक जाए।

तृणमूल कांग्रेस का पतन एक दिन में नहीं हुआ यह वर्षों से जमा होता आ रहा गुस्सा था। शिक्षा में अन्याय। 26,000 शिक्षकों की अनदेखी। सरकारी कर्मचारियों का अपमान। डॉक्टरों और महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता। कानून व्यवस्था का मज़ाक। सरकार जनता के लिए कम, अपनी छवि बचाने में ज़्यादा व्यस्त रही। नेतृत्व ज़मीनी सच्चाई समझ नहीं पाया, और जनता ने चुपचाप अपना फैसला सुना दिया। राजनीति डर और दबाव से नहीं, भरोसे और सम्मान से चलती है। जहाँ भरोसा टूटता है, वहाँ सत्ता भी ज़्यादा देर टिकती नहीं। याद रखिए सत्ता जनता प्यार से देती है, और वही जनता एक दिन उसे वापस भी ले लेती है।
“सत्ता” एक निर्मम प्रेमिका है, आज साथ होती है, कल “पूर्व” बन जाती है। 1977 में जब वाम मोर्चा पहली बार सत्ता में आया, तब किसी ने नहीं सोचा था कि वह 34 वर्षों तक शासन करेगा। लेकिन उसके पीछे संयम था, वैचारिक अनुशासन था, शिक्षा थी, जनसंपर्क था, सादगी थी, दो कमरों के फ्लैट में किताबों से भरी अलमारी थी। बेदाग सफेद धोती-कुर्ता था। लेकिन राजनीति हो या जीवन कुछ भी स्थायी नहीं होता।
2011 में बदलाव आया। “माँ-माटी-मानुष” के नाम पर नई सरकार बनी। लोगों ने उम्मीद की लेकिन धीरे-धीरे वही सत्ता अहंकार में बदलती गई। धमकी, सिंडिकेट, हिंसा के आरोप, नौकरियों पर कब्ज़े की मानसिकता, उद्योगों का अभाव, भ्रष्टाचार के पहाड़ और सत्ता के आसपास बनता एक परिवारवादी घेरा। लोकतंत्र ने इसका जवाब भाषणों से नहीं, चुपचाप बैलेट से दिया। इतिहास बहुत निर्मम होता है, वह सिर्फ वंश नहीं देखता, काम देखता है। आप कितनी अच्छी कविता लिखते हैं, आपकी पेंटिंग कितने करोड़ में बिकती है, या आप कितने बड़े विचारक हैं यह सब आपके समर्थकों को याद रहेगा। लेकिन जनता के दिल में जगह बनाने के लिए बेरोजगारों को काम देना होगा। राज्य को अवसर देना होगा। युवाओं को भविष्य देना होगा। बंगाल को किसी और राज्य जैसा बनने की ज़रूरत नहीं। उसे फिर से वैसा बंगाल बनाना होगा, जो आत्मनिर्भर था, स्वाभिमानी था, संघर्षशील था। जिस मिट्टी ने विभाजन, अकाल और उपेक्षा झेली, वही मिट्टी फिर उठ सकती है। इतिहास का चक्र चलता रहता है। जो सत्ता में आते हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए – जनता देर से बोलती है, लेकिन जब बोलती है, तो इतिहास बदल देती है।

Previous Post

महान प्रासाद वाले होते हैं ऋषि : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

Next Post

Pinup’ta Oyun Deneyimi: Umutlarınızı Geride Bırakan Bir Evren Mi, Yoksa Gerçeklerin Çıplaklığı Mı?

Next Post

Pinup'ta Oyun Deneyimi: Umutlarınızı Geride Bırakan Bir Evren Mi, Yoksa Gerçeklerin Çıplaklığı Mı?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • बीच समुद्र में भारतीय जहाज़ पर हमला, भारत ने कहा—यह पूरी तरह अस्वीकार्य
  • निर्वाचन आयोग की बड़ी पहल, देश के कई राज्यों में गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू
  • अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन पर ईरान ने ब्रिक्स से मांगा स्पष्ट रुख
  • ब्रिक्स को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वय और संवाद जरूरी: जयशंकर
  • पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत, आरबीआई की चेतावनी से बढ़ी चिंता
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In