नई दिल्ली:दिल्ली के नांगलोई इलाके में शनिवार शाम मुहर्रम के जुलूस निकालते वक्त भारी बवाल हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने निर्धारित मार्ग से चलने से रोकने पर पथराव कर दिया। इस घटना में 10 पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। साथ ही, दर्जन भर से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें बसों के अंदर बैठे यात्री चिल्ला रहे हैं। पथराव से बचने के लिए झुककर बैठे हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज कर सभी हुड़दंगियों को तितर-बितर किया। फिलहाल इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
हजारों लोग जुटे थे
डीसीपी हरेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को निर्धारित मार्ग पर करीब दस हजार लोगों की भीड़ मुहर्रम के जुलूस में ताजिया लेकर चल रही थी। सबकुछ शांति पूर्ण तरीके से चल रहा था लेकि जुलूस के आखिरी हिस्से में ताजिया लेकर जा रहे लोगों ने निर्धारित मार्ग पर चलने से मना कर दिया। सूरजमल स्टेडियम के पास जुलूस में शामिल कुछ लोग ताजिया लेकर रुक गए और जबरन स्टेडियम में घुसने लगे। इस पर सुरक्षाबलों ने उन्हें ऐसा करने से रोका।
जमकर बरसाए पत्थर
लोग पुलिस के रोकने पर उग्र हो गए। उन्होंने सड़क पर चल रहे वाहनों और पुलिस पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। यहां तक कि यात्री बसों को भी नहीं बख्शा। करीब बीस मिनट तक नांगलोई की सड़कों पर पत्थरबाजी का तांडव चलता रहा। पत्थरबाजों ने एसएचओ के सरकारी वाहन और थाने की दो जिप्सियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस पत्थरबाजी की वजह से सड़क पर अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग अपनी जान बचा कर इधर उधर भागने लगे। मौके पर डीसीपी हरेंद्र सिंह और जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंच गए।
कम उम्र के शामिल
सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में पथराव करने वाले दिख रहे हैं। इनकी उम्र 17 से 24 वर्ष के बीच लग रही है। पुलिस पत्थरबाजों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। वहीं, रास्ते में खड़े क्षतिग्रस्त वाहनों को भी हटाया गया है। फिलहाल इस घटना से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
आरोपियों को समझाने गए एसएचओ से भी हाथापाई
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हिंसा में दस पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए हैं। इसमें एसएचओ भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय एसएचओ उग्र हो रही भीड़ को समझाने के लिए गए थे लेकिन उन्हीं के साथ मारपीट हो गई। भीड़ में शामिल लोगों ने एसएचओ के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कोशिश
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब सूरजमल स्टेडियम जाने नहीं देने का निर्णय लिया गया था तो जुलूस को क्यों आने दिया गया। पहले ही रोक लेते तो शायद यह स्थिति नहीं आती। वहीं, आउटर और रोहिणी जिले की पुलिस एक दूसरे पर इस घटना की जिम्मेदारी डालने में जुट गई है। दरअसल, रोहिणी जिले के अमन विहार और प्रेम नगर से कुछ ताजिए आउटर जिले में आते हैं। अब आउटर जिला पुलिस का कहना है कि रोहिणी से आए ताजिएदारों ने उपद्रव किया था।
बसों में बैठे यात्री जान बचाने के लिए सीट के नीचे घुसे
घटना के वीडियो फुटेज वायरल हो रहे हैं। पथराव के दौरान बसों मे यात्रा कर रहे लोग सीटों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाते हुए दिखे। इसमें बसों के टूटे हुए शीशे भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ कार सवार भी वीडियो बनाते हुए दिखे। कार में बैठे लोग सिर पर हाथ रखकर पथराव से बचने की कोशिश कर रहे थे। जाम लगने के कारण वाहन फंस भी गए। पुलिस पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
समझाने गए SHO से हाथापाई
बाहरी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हर वर्ष कुछ लोग सूरजमल स्टेडियम में ताजिया ले जाने की जिद करते हैं। लेकिन समझाने पर वे मान जाते थे। इस बार भी ऐसी ही संभावना थी। लेकिन भीड़ में शामिल शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया। फिलहाल अमन कमेटी के लोगों से संपर्क किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर साइबर पुलिस की पैनी नजर
साइबर पुलिस की एक टीम फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। अगर कोई अफवाह फैलाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस बात को भी देखा जा रहा है कि क्या यह हिंसा पूर्व नियोजित तो नहीं थी, कहीं सोशल मीडिया पर किसी तरह से भड़काने की कार्रवाई तो नहीं की गई थी। पुलिस टीम इस की भी जांच की जा रही है।













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