नई दिल्ली: देशभर में वंदे भारत ट्रेन को लेकर डिमांड काफी बढ़ गई है। रेलवे वंदे भारत ट्रेनों का परिचालन लगातार अलग-अलग रूटों पर कर रहा है। वंदे भारत ट्रेन किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं है। जैसे ही लोग इस ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर खड़ा देखते हैं, वे इसके साथ सेल्फी लेने लगते हैं। इस ट्रेन के परिचालन के बाद से यात्रियों की खास इच्छा रही है कि यह ट्रेन उनके शहर से होकर गुजरे। यात्रियों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए रेलवे देश के अलग-अलग राज्यों में वंदे भारत की शुरुआत कर रहा है।
क्या है वंदे भारत स्पेशल ट्रेन की टाइमिंग
जिन रूट पर इस ट्रेन की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है, अब उसी रूट पर रेलवे वंदे भारत की स्पेशल ट्रेनों को चलाने वाला है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी रेलवे ने 5 और 12 मार्च को चेन्नई सेंट्रल और कोयंबटूर के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। यह स्पेशल ट्रेन सुबह 7.10 बजे चेन्नई से प्रस्थान करेगी और दोपहर 2.15 बजे कोयंबटूर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन कोयंबटूर से दोपहर 3.05 बजे प्रस्थान करेगी और 21.50 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचेगी। ट्रेन में आठ डिब्बे होंगे और यह काटपाडी, जोलारपेट्टई, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर पर रुकेगी।
पिछले साल शुरू हुई थी चेन्नई-कोयंबटूर वंदे भारत
चेन्नई और कोयंबटूर के बीच रेलवे ने बीते साल अप्रैल में ही वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की थी। इस ट्रेन के चलने से तमिलनाडु की राजधानी और पश्चिमी औद्योगिक शहर के बीच यात्रा के समय में कटौती हुई है। बीते साल अप्रैल में पीएम मोदी ने इस ट्रेन को चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई थी।
यह 5 घंटे 50 मिनट में अपनी यात्रा पूरी कर लेती है। इस तरह यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच चलने वाली सबसे तेज ट्रेन है। रेलवे के मुताबिक, इस ट्रेन के परिचालन से यात्रा के समय में एक घंटे से अधिक की बचत हुई। तमिलनाडु के दोनों शहरों को जोड़ने वाली यह ट्रेन स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से लैस है। सभी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे और स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजों के साथ यात्री सुरक्षा को बढ़ाया गया है। दिव्यांगों के अनुकूल शौचालय, ब्रेल लिपि में सीट हैंडल नंबर, एलईडी लाइट जैसी आधुनिक सुविधाएं और 360 डिग्री घूमने योग्य सीट जैसी अन्य विशेषताएं भी इस ट्रेन में हैं।













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