रियाद। गाजा पट्टी पर इजरायली सेना का कत्लेआम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आईडीएफ ने गाजा पर फिर अटैक किया और 13 लोगों को मार डाला। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की युद्ध न छोड़ने की जिद के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंच गए हैं। यहां उनके अलावा मिस्र, सऊदी अरब, कतर, यूएई और जॉर्डन देशों के शीर्ष नेता भी जुटे हैं। यहां वे सभी गाजा के भविष्य पर चर्चा करेंगे। चर्चा इस बात पर भी होनी है कि इजरायली हमले के बाद गाजा पर किसकी हुकूमत चलेगी?
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को पश्चिम एशिया की अपनी यात्रा शुरू कर दी है। करीब छह महीने पहले इजराइल-हमास युद्ध के शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र का यह उनका सातवां राजनयिक मिशन है जिसमें वह इजराइल की यात्रा भी करेंगे। जहां उनके इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा में संघर्षविराम के लिए दबाव डालने की उम्मीद है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी गाजा में बड़े पैमाने पर निर्दोषों के कत्लेआम पर चिंता जता चुके हैं। हालांकि इससे उलट नेतन्याहू गाजा में अपने ऑपरेशन को सही बताते रहे हैं।
रियाद में 4 मुस्लिम देश भी जुटे
रियाद में, अमेरिकी राष्ट्रपति ब्लिंकन के वरिष्ठ सऊदी नेताओं से मिलने और पांच अरब देशों कतर, मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की उम्मीद है। अमेरिका के विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि चर्चा इस बात की जानी है कि युद्ध के बाद गाजा का क्या होगा?
ब्लिंकन के अरब देशों और यूरोपीय राज्यों के साथ आने पर चर्चा करने की भी उम्मीद है। यह चर्चा भी जानी है कि इजरायली हमले के बाद श्मशान घाट हो चुके गाजा शहर के पुननिर्माण में यूरोप क्या भूमिका निभा सकता है?
इजरायल-हमास युद्ध में कितना नुकसान
इजरायली सेना आईडीएफ के आंकड़ों के अनुसार, फिलिस्तीनी आतंकी ग्रुप हमास के इस्लामी लड़ाकों ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 253 लोगों को बंधक बना लिया गया। इजरायल का दावा है कि उसके 100 से अधिक लोग अभी भी हमास के कब्जे में हैं। उधर, इजरायल के जवाबी हमले में गाजा शहर पूरी तरह से श्मशान बन चुका है। शहर में हवाई और जमीनी हमले में 34 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।













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