नई दिल्ली: आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट द्वारा भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय किए जाने के बाद अब इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में होगी। लालू यादव की याचिका पर सोमवार को जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा की पीठ सुनवाई करेगी।
अक्तूबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट ने माना था कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और आईआरसीटीसी से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया को प्रभावित किया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा था कि लालू यादव कथित साजिश से पूरी तरह अवगत थे और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
इस मामले में लालू यादव के साथ उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। दोनों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए गए हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब आईआरसीटीसी के पटना और पुरी स्थित होटलों के टेंडर कथित रूप से मनपसंद निजी कंपनियों को दिए गए। इसके बदले में रिश्वत के तौर पर जमीन लेने का आरोप लगाया गया है।
सीबीआई ने आगे की जांच के बाद लालू प्रसाद यादव समेत उनके परिवार के सदस्यों, आईआरसीटीसी के अधिकारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर इस बहुचर्चित घोटाले के अगले कानूनी कदम टिका हुआ है।













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