डेस्क : राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक अहम कार्रवाई करते हुए एक मौलवी को हिरासत में लिया है। मौलवी पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। एटीएस की टीम उसे पूछताछ के लिए जयपुर ले गई है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिया गया मौलवी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से जैसलमेर के तनोट–किशनगढ़ क्षेत्र के कुरिया बेरी गांव में रह रहा था। एजेंसियों को संदेह है कि वह धार्मिक कार्यों की आड़ में कुछ संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकता है। जैसलमेर भारत–पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है, ऐसे में इस मामले को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से देख रही हैं।
मौलवी पर क्यों है संदेह?
सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान एटीएस को सीमा क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर शनिवार रात एटीएस की टीम ने तनोट–किशनगढ़ क्षेत्र के कुरिया बेरी गांव में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान करीब 45 वर्षीय मौलवी को डिटेन किया गया।
एटीएस ने पूरे ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा, जिससे स्थानीय लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि रविवार सुबह होते ही गांव में इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई और लोग अलग-अलग कयास लगाने लगे।
जयपुर में होगी गहन पूछताछ
एजेंसियों को आशंका है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति सीमा पार संपर्कों या किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। प्रारंभिक पूछताछ में कुछ अहम संकेत मिलने के बाद उसे जयपुर स्थित एटीएस मुख्यालय ले जाया गया है, जहाँ विशेषज्ञों की टीम उससे विस्तृत पूछताछ करेगी।
राजस्थान एटीएस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक लिखित बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
गौरतलब है कि जैसलमेर का सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। तनोट और लोंगेवाला जैसे इलाकों में पूर्व में भी जासूसी और घुसपैठ से जुड़े मामलों का खुलासा हो चुका है। बीते वर्षों में राजस्थान एटीएस ने सीमा क्षेत्रों में कई ऐसी कार्रवाइयाँ की हैं, जिनमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्धों को पकड़ा गया है।













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