डेस्क : गोल्ड लोन कारोबार से जुड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी आईएफएल फाइनेंस लिमिटेड को अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल गई है। इस मंजूरी के बाद कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ गया है।
कंपनी की ओर से दाखिल प्रारूप विवरण पुस्तिका के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ के तहत कुल 3.85 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए जाने की योजना है। इसमें 3.55 करोड़ नए शेयरों का निर्गम और प्रवर्तकों की ओर से 30 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है।
कंपनी सार्वजनिक निर्गम से पहले निजी निवेशकों के माध्यम से भी 1.15 करोड़ शेयर तक जारी करने पर विचार कर सकती है। हालांकि, ऐसा होने पर नए शेयरों के निर्गम का आकार उसी अनुपात में कम किया जाएगा।
पूंजी मजबूत करने में खर्च होंगे 150 करोड़ रुपये
आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि में से कंपनी 150 करोड़ रुपये अपनी प्रथम श्रेणी की पूंजी को मजबूत करने में खर्च करने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने के साथ भविष्य में कारोबार के विस्तार और ऋण वितरण क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आईपीओ के प्रबंधन की जिम्मेदारी आर्यमान फाइनेंशियल सर्विसेज को सौंपी गई है।
राजस्थान में भी कंपनी की मजबूत मौजूदगी
वर्ष 2015 में स्थापित आईएफएल फाइनेंस मुख्य रूप से स्वर्ण ऋण और अन्य सुरक्षित खुदरा ऋण उपलब्ध कराती है। मार्च 2026 तक कंपनी की चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 88 शाखाएं संचालित थीं। इनमें दिल्ली में 31 और राजस्थान में 33 शाखाएं शामिल थीं।
कंपनी गैर-जमा स्वीकार करने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में काम करती है। पहले इसका नाम आईएफएल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड था।
निवेशकों को अब आईपीओ की तारीख का इंतजार
सेबी से मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी के आईपीओ से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। हालांकि, अभी तक आईपीओ खुलने की तारीख, शेयरों का मूल्य दायरा और न्यूनतम निवेश के लिए लॉट का आकार घोषित नहीं किया गया है। इन जानकारियों का खुलासा कंपनी की ओर से बाद में किया जाएगा।
बाजार से जुड़े निवेशकों की नजर अब कंपनी के आईपीओ की आधिकारिक तारीख और मूल्य निर्धारण पर रहेगी।













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