• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई

अनुच्छेद 32 से शीर्ष अदालत के बाध्यकारी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को नहीं रख सकते बरकरार: सुप्रीम कोर्ट

March 10, 2023
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बड़ी कार्रवाई, आरबीआई ने लाइसेंस रद्द किया

पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बड़ी कार्रवाई, आरबीआई ने लाइसेंस रद्द किया

April 24, 2026
आम आदमी पार्टी में भूचाल, राघव चड्ढा समेत तीन बड़े सांसद भाजपा में शामिल

आम आदमी पार्टी में भूचाल, राघव चड्ढा समेत तीन बड़े सांसद भाजपा में शामिल

April 24, 2026
2026 बंगाल चुनाव: भबानीपुर में ममता बनर्जी vs सुवेंदु अधिकारी

“बंगाल पहले, दिल्ली बाद में”: ममता बनर्जी के बयान से सियासी हलचल तेज

April 24, 2026
पंजाब की राजनीति में हलचल, मोगा रैली के बाद बड़ा फैसला संभव

‘पीठ में छुरा घोंपा गया’: भगवंत मान का तीखा बयान, आम आदमी पार्टी में बड़ा संकट

April 24, 2026
ईरान संघर्ष के एक महीने बाद: ट्रंप को कम फायदा, ज्यादा नुकसान

ईरान युद्ध में अमेरिका की ताकत पर चोट: हजारों मिसाइलें खर्च, रक्षा भंडार पर संकट

April 24, 2026
वंदे मातरम् पर सियासत तेज, संजय सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना

“पीठ पर छुरा घोंपा, गद्दारी की”—टूट पर ‘आप’ का तीखा पलटवार

April 24, 2026
राघव चड्ढा का पार्टी पर पलटवार, आरोपों का दिया करारा जवाब

राघव चड्ढा का आरोप—’आप’ में आवाज दबाई गई, पीएम मोदी की खुलकर प्रशंसा

April 24, 2026
इंद्रिय विषयों के अनावश्यक उपभोग से बचे : आचार्यश्री महाश्रमण

इंद्रिय विषयों के अनावश्यक उपभोग से बचे : आचार्यश्री महाश्रमण

April 24, 2026
इतिहास स्मृति नहीं, राष्ट्र निर्माण की शक्ति है: अजीत डोभाल

अजीत डोभाल का संदेश: देश की सुरक्षा और विकास सबकी साझा जिम्मेदारी

April 24, 2026
सुप्रीम लीडर की कुर्सी पर मोज्तबा: ईरान की राजनीति में बड़ा मोड़

दुश्मनों में दरार, ईरान की एकता अटूट: खामेनेई का बयान

April 24, 2026
ट्रंप की टिप्पणी पर भड़का ईरान, भारत के समर्थन में दिया करारा जवाब

ट्रंप की टिप्पणी पर भड़का ईरान, भारत के समर्थन में दिया करारा जवाब

April 24, 2026
कांग्रेस ने स्पष्ट किया: अय्यर केरल के मुद्दों पर बोलते हैं व्यक्तिगत रूप से

पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

April 24, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Friday, April 24, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home देश

अनुच्छेद 32 से शीर्ष अदालत के बाध्यकारी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को नहीं रख सकते बरकरार: सुप्रीम कोर्ट

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
March 10, 2023
in देश
Reading Time: 1 min read
A A
0
आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा 2020 में भूमि अधिग्रहण अधिनियम से संबंधित फैसले को रद करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत शीर्ष अदालत के बाध्यकारी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को बरकरार नहीं रखा जा सकता है।

भूमि अधिग्रहण अधिनियम के फैसले को रद करने की मांग वाली याचिका

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 24(2) की पुनर्व्याख्या करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

इस याचिका में पुनर्व्याख्या करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग के साथ ही यह भी घोषित करने की मांग की गई थी कि पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा दिया गया मार्च 2020 का फैसला और उसके तहत पारित फैसले अब अच्छे कानून नहीं हैं।

इस पर सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद पीठ ने अपने तीन मार्च के फैसले में कहा कि इस अदालत के एक बाध्यकारी फैसले को चुनौती देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत एक याचिका को बरकरार नहीं रखा जा सकता। इसलिए हम याचिका पर विचार करने से इनकार करते हैं। ऐसे में याचिका को खारिज किया जाता है।

गौरतलब है कि संविधान का अनुच्छेद 32 अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उपायों से संबंधित है। 32 (1) के मुताबिक, इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उचित कार्यवाही द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को स्थानांतरित करने का अधिकार गारंटीकृत है।

अपने 2020 के फैसले में संविधान पीठ ने कहा था कि भूमि अधिग्रहण और मालिकों को उचित मुआवजे के भुगतान पर विवाद पर फिर से सुनवाई भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्याख्या अधिनियम, 2013 में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार के तहत नहीं हो सकती है, यदि कानूनी प्रक्रिया एक जनवरी 2014 से पहले पूरी कर ली गई है।

Previous Post

19 साल बाद पति से अलग हुईं शुभांगी अत्रे, कहा- ‘एक पुराना रिश्ता टूटता है तो…’

Next Post

विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले, जी20 वर्ष में भारत ‘विश्व को’ और विश्व ‘भारत को’ कर रहा तैयार

Next Post
भारत किनारे पर नहीं बैठ सकता, यूरोप को अपना माइंडसेट बदलना होगा: एस. जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले, जी20 वर्ष में भारत 'विश्व को' और विश्व 'भारत को' कर रहा तैयार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर बड़ी कार्रवाई, आरबीआई ने लाइसेंस रद्द किया
  • आम आदमी पार्टी में भूचाल, राघव चड्ढा समेत तीन बड़े सांसद भाजपा में शामिल
  • “बंगाल पहले, दिल्ली बाद में”: ममता बनर्जी के बयान से सियासी हलचल तेज
  • ‘पीठ में छुरा घोंपा गया’: भगवंत मान का तीखा बयान, आम आदमी पार्टी में बड़ा संकट
  • ईरान युद्ध में अमेरिका की ताकत पर चोट: हजारों मिसाइलें खर्च, रक्षा भंडार पर संकट
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In