डेस्क :अभिनेता मनोज बाजपेयी ने इन दिनों चर्चा में बनी बड़ी बजट की फिल्मों को लेकर अपनी राय खुलकर रखी है। उन्होंने रणबीर कपूर अभिनीत ‘रामायण’ और प्रियंका चोपड़ा की आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ के बजट को लेकर हो रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्मों के बजट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना अक्सर प्रचार रणनीति का हिस्सा होता है।
एक बातचीत के दौरान मनोज बाजपेयी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से फिल्मों के बजट को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं और यह दर्शकों के बीच चर्चा पैदा करने का एक माध्यम बन गया है। उनके अनुसार, किसी फिल्म का बजट दर्शकों के लिए नहीं, बल्कि निर्माता के लिए महत्वपूर्ण होता है। दर्शकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि फिल्म उन्हें पसंद आई या नहीं।
मनोज ने कहा कि कई बार लोग उनसे फिल्मों के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों और बजट के बारे में सवाल करते हैं, जबकि दर्शकों का वास्तविक सरोकार फिल्म की गुणवत्ता और मनोरंजन से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के बजट या कमाई का सीधा लाभ आम दर्शकों को नहीं मिलता, इसलिए फिल्मों का मूल्यांकन उनकी कहानी, अभिनय और प्रस्तुति के आधार पर किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। वहीं, एस.एस. राजामौली के निर्देशन में बन रही ‘वाराणसी’ भी अपने कथित विशाल बजट के कारण सुर्खियों में है। इन दोनों फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह बना हुआ है।
मनोज बाजपेयी का मानना है कि किसी फिल्म की सफलता का वास्तविक पैमाना उसका कंटेंट और दर्शकों से जुड़ाव होना चाहिए, न कि केवल उसका बजट या बॉक्स ऑफिस संग्रह।













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