नई दिल्ली : घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडरों पर सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को अब भी प्रति सिलेंडर लगभग 700 रुपये की अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में एलपीजी, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है तथा कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार ने घरेलू बाजार में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आयात व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर अंडर-रिकवरी अभी भी लगभग 700 रुपये प्रति सिलेंडर के स्तर पर बनी हुई है।
शर्मा ने बताया कि एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर कम करने के लिए उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके अनुसार, बुधवार को देश के विभिन्न स्रोतों से लगभग 54 हजार मीट्रिक टन एलपीजी की आपूर्ति की गई।
उन्होंने कहा कि हाल के समय में एलपीजी की मांग में कुछ कमी दर्ज की गई है, जिसके पीछे व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा कम खपत, बुकिंग अवधि में सुधार तथा डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित वितरण प्रणाली जैसे कारण हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत में कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई है। देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा सभी रिफाइनरियां अपनी इष्टतम क्षमता पर कार्य कर रही हैं।
सुजाता शर्मा ने बताया कि देशभर में किसी भी एलपीजी वितरक के यहां गैस समाप्त होने की कोई सूचना नहीं मिली है। वर्तमान में लगभग 99 प्रतिशत एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन की जा रही हैं, जबकि 96 प्रतिशत डिलीवरी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से सत्यापित हो रही हैं।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में 1.50 करोड़ सिलेंडरों की बुकिंग के मुकाबले 1.43 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है।
पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार पर जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2026 से अब तक 8.82 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 2.98 लाख नए कनेक्शनों के लिए आधारभूत संरचना तैयार की गई है, जिससे कुल संख्या 11.80 लाख तक पहुंच गई है।
शर्मा ने बताया कि 3 जून तक 80,400 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से वापस कर दिए हैं।
एथेनॉल मिश्रण और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ई-20 वर्तमान में देश का आधार ईंधन मानक है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने ई-25 के लिए भी मानक जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक और उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन अलग-अलग अवधारणाएं हैं तथा दोनों को एक-दूसरे के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।













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