पोर्ट ऑफ स्पेन: भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के संबंधों को नई मजबूती देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को दक्षिण त्रिनिदाद में भारत समर्थित एग्रो-प्रोसेसिंग सुविधा तथा स्थायी कृत्रिम अंग केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान त्रिनिदाद एवं टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर भी उपस्थित रहीं।
भारत की ‘सीड्स’ पहल के तहत स्थापित एग्रो-प्रोसेसिंग सुविधा का उद्देश्य स्थानीय कृषि क्षेत्र को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना, किसानों की आय बढ़ाना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन देना है। उद्घाटन समारोह में जयशंकर ने कहा कि यह परियोजना दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी का प्रतीक है और इससे स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
विदेश मंत्री ने पेनल क्षेत्र में स्थायी कृत्रिम अंग केंद्र का भी शुभारंभ किया। यह केंद्र भारत की प्रसिद्ध ‘जयपुर फुट’ पहल के मॉडल पर आधारित है और कैरेबियाई क्षेत्र के दिव्यांगजनों को आधुनिक कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने में मदद करेगा। भारत सरकार की ओर से इस केंद्र को मानवीय सहयोग की बड़ी पहल माना जा रहा है।
जयशंकर ने कहा कि भारत केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम अंग केंद्र दिव्यांगजनों के लिए “सम्मान और आत्मनिर्भरता” का माध्यम बनेगा।
बताया गया कि इससे पहले आयोजित ‘जयपुर फुट’ शिविरों के माध्यम से सैकड़ों लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा चुके हैं। स्थायी केंद्र बनने से अब इस सेवा का लाभ लगातार मिल सकेगा।
विदेश मंत्री की यह यात्रा भारत और कैरेबियाई देशों के बीच बढ़ते सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी यात्रा के दौरान स्वास्थ्य, कृषि और सामुदायिक विकास से जुड़े कई विषयों पर भी चर्चा हुई।













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