डेस्क : केरल में कांग्रेस की प्रचंड चुनावी सफलता के बाद अब पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान तेज हो गई है। मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए कई वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी सामने आने से कांग्रेस नेतृत्व के सामने संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला तथा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। तीनों नेताओं के समर्थकों ने राज्यभर में शक्ति प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आती दिखाई दे रही है।
इसी बीच पार्टी में तनाव उस समय और बढ़ गया जब एक फ्लेक्स बोर्ड को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई। बोर्ड पर पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी और केसी वेणुगोपाल की तस्वीरें लगी थीं। घटना के बाद कांग्रेस नेताओं ने नाराजगी जताते हुए इसे अनुशासनहीनता करार दिया। वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का चयन संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि दबाव की राजनीति के आधार पर।
उधर तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। हालांकि थरूर ने कहा कि यह सामान्य राजनीतिक चर्चा थी और उन्होंने केरल की स्थिति पर अपने विचार साझा किए।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री चयन का अधिकार पार्टी हाईकमान को सौंप दिया गया है। पार्टी पर्यवेक्षकों ने विधायकों की राय लेकर अपनी रिपोर्ट दिल्ली नेतृत्व को भेज दी है। अब अंतिम निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व सार्वजनिक बयानबाजी और खुले शक्ति प्रदर्शन से नाराज है। नेतृत्व चाहता है कि मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सहमति के आधार पर पूरी हो, ताकि सरकार गठन के बाद संगठन में किसी प्रकार का असंतोष न उभरे।













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