डेस्क : बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव गहराता जा रहा है। चुनावी माहौल के बीच हिंदू समुदाय और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ खुले तौर पर नफरत फैलाने के मामले सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में कुछ मौलाना और मौलवी हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देते दिखाई दे रहे हैं और लोगों से गैर-मुस्लिम प्रत्याशियों को वोट न देने की अपील कर रहे हैं।
एक वीडियो में एक अज्ञात मौलाना हिंदू प्रत्याशियों और गैर-मुसलमानों को वोट देने को ‘हराम’ करार देता है, जबकि एक अन्य वीडियो में एक मौलाना हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता नजर आता है। इन बयानों में हिंदू समुदाय और इस्कॉन से जुड़े लोगों को बांग्लादेश छोड़ने की चेतावनी भी दी गई है।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद यूसुफ की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हिंदुओं और इस्कॉन से जुड़े संगठनों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। इन घटनाओं को लेकर भारत ने बांग्लादेश सरकार से कड़ी चिंता जताई है और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्व हिंदू नागरिकों और उनके कारोबार को लगातार निशाना बना रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। हाल के महीनों में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। इनमें 25 वर्षीय मिथुन सरकार की मौत भी शामिल है, जिन्होंने कथित तौर पर कट्टरपंथियों की भीड़ से बचने के लिए नहर में छलांग लगा दी थी। उन पर चोरी का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा, कई अन्य मामलों में हिंदू समुदाय के लोगों की पीट-पीटकर हत्या और गोली मारकर हत्या किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, ऐसी कम से कम 7 से 8 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
इस बीच, बांग्लादेश में हिंसा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता भी बढ़ती जा रही है। ब्रिटेन सरकार ने बांग्लादेश में ‘‘हर तरह की हिंसा’’ की निंदा करते हुए शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव कराने की अपील की है। हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हत्याओं का मुद्दा ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में भी उठाया गया।
विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने संसद में बयान देते हुए लेबर पार्टी नीत ब्रिटिश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं, घरों को जलाया जाना और मंदिरों पर हमले की घटनाएं बेहद भयावह हैं। ब्लैकमैन ने यह भी चिंता जताई कि फरवरी में होने वाले चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष बताया जा रहा है, जबकि प्रमुख राजनीतिक दल अवामी लीग को चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, बावजूद इसके कि जनमत सर्वेक्षणों में उसे उल्लेखनीय समर्थन हासिल बताया जा रहा है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस्लामी चरमपंथी संगठनों द्वारा बांग्लादेश के संविधान में स्थायी बदलाव के लिए जनमत संग्रह का आह्वान किया जाना स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकता है।













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