डेस्क : ईरान में बिगड़ते हालात को लेकर भारत सरकार ने सतर्क रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि ईरान में मौजूदा घटनाक्रम पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल ईरान में करीब 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है। बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अब तक तीन एडवाइजरी जारी की हैं।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है। वहीं, ईरान में रह रहे भारतीयों से कहा गया है कि वे परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित रूप से देश छोड़ने की योजना बनाएं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इधर, ईरान में सुरक्षा चिंताओं और क्षेत्रीय तनाव के मद्देनजर केरल सरकार भी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर नोरका रूट्स ने ईरान में रह रहे केरलवासियों के लिए एक विशेष सहायता डेस्क शुरू किया है। नोरका के अनुसार, जरूरतमंद केरलवासी टोल-फ्री नंबर या इंटरनेशनल मिस्ड कॉल सुविधा के जरिए नोरका ग्लोबल कॉन्टैक्ट सेंटर हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि आपात स्थिति में भारतीय नागरिक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबरों या ईमेल के माध्यम से संपर्क करें। साथ ही, ईरान में रह रहे सभी भारतीयों को दूतावास द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। रेजिडेंट वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों से दूतावास में पंजीकरण कराने का आग्रह भी किया गया है।
इस बीच ईरान में हालात कुछ हद तक शांत होते दिखाई दे रहे हैं। इस्लामिक सत्ता के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन गुरुवार को अपेक्षाकृत कम रहे। एक सप्ताह पहले ईरानी अधिकारियों ने इंटरनेट बंद कर देश को बाहरी दुनिया से लगभग अलग कर दिया था और दमनकारी कार्रवाई तेज की थी। कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,615 लोगों की मौत हो चुकी है।
क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर अमेरिका की संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात में नरमी के संकेत दिए हैं। इसी बीच अमेरिका ने उन ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिन पर पिछले महीने देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था और मुद्रा संकट के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप है।
उधर, ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (जी-7) देशों और यूरोपीय संघ ने भी ईरान की इस्लामिक सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों पर विचार करने की बात कही है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अमेरिका के अनुरोध पर ईरान के हालात को लेकर आपात बैठक बुलाई है।













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