बेंगलुरु:कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक (मेटा प्लेटफॉर्म) को भारत में बैन करने की चेतावनी दी है। जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने मंगलुरु के बीकरनाकट्टे की रहने वाली कविता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह तल्ख टिपण्णी की है। पीठ ने अपने निर्देश में आवश्यक जानकारी के साथ पूरी रिपोर्ट अदालत के समक्ष एक सप्ताह के भीतर पेश करने के लिए भी कहा है। अदालत ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार भारतीय नागरिक की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारी के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट को दे।
मंगलुरु के एक भारतीय नागरिक शैलेश कुमार सऊदी राजा और इस्लाम के खिलाफ किए गए एक कथित अपमानजनक फेसबुक पोस्ट के कारण सऊदी अरब में सलाखों के पीछे हैं। उनकी पत्नी कविता ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका दावा है कि आपत्तिजनक संदेश उनके पति के एक फेक अकाउंट से पोस्ट किया गया था।
CAA-NRC के समर्थन में भी किया था पोस्ट
कविता की शिकायत के मुताबिक, शैलेश पिछले 25 सालों से सऊदी अरब में काम कर रहा था। उन्होंने भारत सरकार के नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की पहल के समर्थन में पोस्ट किया था। उनके पोस्ट के बाद उन्हें एक धमकी भरा कॉल आया। उन्हें अपना अकाउंट डिलीट करना पड़ा। इसके बाद बदमाशों ने उनके नाम का इस्तेमाल करते हुए एक फर्जी अकाउंट बनाया और सऊदी किंग और इस्लाम को निशाना बनाते हुए एक अपमानजनक पोस्ट शेयर किया।
शैलेश को हुई है 15 साल की सजा
विवादास्पद पोस्ट के आरोप में शैलेश को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया। उन्हें 15 साल की जेल की सजा दी सुनाई गई है। उनकी पत्नी ने भारत में मामला दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने दावा किया है कि उनके पति के नाम से फेक अकाउंट बनाकर फोस्ट किया गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि फेसबुक द्वारा सहयोग की कमी के कारण जांच में देरी हुई है।
हालांकि, चूंकि पुलिस फर्जी प्रोफाइल बनाने के मामले में अपनी जांच पूरी करने में सुस्त रही है, इसलिए कविता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित ने बुधवार को मूल रूप से 2021 में दायर उनकी याचिका पर सुनवाई की।
12 जून को, हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था, “मैंगलोर के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया जाता है कि वे मामले के कागजात का अध्ययन करें और न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर बताएं कि जांच पूरी करने में अत्यधिक देरी क्यों हुई है।”
फेसबुक ने नहीं दिया जवाब
बुधवार को मंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त कुलदीप कुमार जैन और जांच अधिकारी हाईकोर्ट के समक्ष पेश हुए। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान मंगलुरु पुलिस ने फेसबुक को एक पत्र लिखा। इसमें फेक अकाउंट की जानकारी मांगी गई है। हालांकि, फेसबुक ने अभी तक जवाब नहीं दिया है।
हाईकोर्ट में फेसबुक को बनाया गया पार्टी
फेसबुक को 29 मई, 2023 को दायर एक याचिका में पार्टी बनाया गया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फेसबुक का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील से सवाल किया। वकील ने कहा कि उन्हें घटना के स्थान के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कंपनी जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं करती है तो वह फेसबुक को भारत में बंद करने का आदेश दे सकती है।













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