मुंबई:महाराष्ट्र में अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रही रस्साकशी के बीच एकनाथ शिंदे अपने गांव सतारा में हैं। शनिवार को शिंदे की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। डॉक्टरों ने बुखार और थकान की वजह से शिंदे को आराम करने की सलाह दी है। शिंदे की ओर से शिवसेना को गृह विभाग दिए जाने की मांग की गई है। पहले शिंदे चाहते थे कि उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाया जाए, लेकिन बीजेपी की 132 सीटें आने के बाद वे बैकफुट पर चले गए और साफ किया कि पीएम मोदी का जो भी फैसला होगा, उन्हें वह मंजूर होगा।
इसके बाद विभागों के बंटवारे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर शिंदे, फडणवीस और अजित पवार की अहम बैठक हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शिंदे की ओर से गृह विभाग दिए जाने की मांग की गई थी। हालांकि इस पर पेच फंस गया और शिंदे अचानक से अपने गांव सतारा चले गए थे। इससे महायुति गठबंधन के नेताओं के बीच मतभेद होने की चर्चाएं शुरू हो गईं। शिंदे शुक्रवार सुबह मुंबई लौट आए थे और फिर वह शाम को पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले में अपने पैतृक गांव दारे के लिए रवाना हो गए।
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के गठबंधन महायुति ने 288 में से 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। भाजपा 132 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 57 और राकांपा ने 41 सीट जीतीं। इस बीच, बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि राज्य में महायुति गठबंधन की नई सरकार पांच दिसंबर को बनेगी और मुख्यमंत्री बनने की रेस में देवेंद्र फडणवीस सबसे आगे हैं। बीजेपी के एक और वरिष्ठ नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा। लेकिन उससे पहले दो दिसंबर को भाजपा विधायक दल का नेता चुनने के लिए बैठक होगी।













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