डेस्क : डिजिटल भुगतान क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फोनपे ने अपने शेयर बाजार में लिस्टिंग यानी आईपीओ (IPO) की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है। कंपनी ने यह निर्णय दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के चलते लिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, वह अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।
कंपनी ने क्या कहा
फोनपे के सीईओ समीर निगम ने कहा कि कंपनी आशावादी है कि वैश्विक तनाव जल्द खत्म होंगे और बाजार में स्थिरता लौटेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि फोनपे भारत में ही अपना आईपीओ लाने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल कंपनी बाजार की परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और अनुकूल समय का इंतजार कर रही है।
कंपनी का कारोबार
फोनपे भारत की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान कंपनियों में से एक है। इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी और आज यह देशभर में करोड़ों लोगों द्वारा उपयोग की जा रही है। सितंबर 2025 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर करीब 65 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर थे, जबकि 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यापारी इसके जरिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं। भुगतान सेवाओं के अलावा, कंपनी बीमा, ऋण वितरण और अन्य डिजिटल सेवाओं जैसे कई वित्तीय उत्पाद भी प्रदान करती है।
कंपनी का तेजी से बढ़ता कारोबार
फोनपे ने हाल के वर्षों में अपने कारोबार का दायरा भी तेज़ी से बढ़ाया है। कंपनी ने निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े प्लेटफॉर्म Share.Market की शुरुआत की है, जहां यूजर शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने एंड्रॉयड आधारित ऐप मार्केटप्लेस इंडस ऐपस्टोर भी लॉन्च किया है, जिसे गूगल प्ले स्टोर के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है।
कई कंपनियों ने टाला अपना आईपीओ प्लान
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता के कारण कई कंपनियां अपने आईपीओ की योजना पर पुनर्विचार कर रही हैं। निवेशकों का मनोबल फिलहाल सतर्क है, इसलिए कंपनियां यह तय करने में समय ले रही हैं कि कम वैल्यूएशन पर बाजार में उतरा जाए या थोड़े समय इंतजार किया जाए।
बाजार से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, इस समय करीब 141 कंपनियों को आईपीओ की मंजूरी मिल चुकी है और ये कंपनियां लगभग 1.64 लाख करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं। हालांकि निवेश बैंकर्स का मानना है कि जब तक शेयर बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक नई लिस्टिंग के प्रति निवेशकों की उत्सुकता सीमित रह सकती है। इसलिए कई कंपनियां फिलहाल सही समय का इंतजार कर रही हैं।













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