मुंबई:महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत कर दी है, जिसके बाद वे अन्य विधायकों के साथ राजभवन पहुंचे। महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे और देंवेद्र फडणवीस भी राजभवन पहुंच गए, जहां शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। अजित पवार ने मंत्रिपद की शपथ ली है। वे राज्य के दूसरे डिप्टी सीएम होंगे। पवार के अलावा, एनसीपी के तकरीबन 18 विधायक भी राजभवन पहुंचे हैं, जिसमें से कइयों को मंत्री बनाया गया। बता दें कि साल 2019 में भी अजित पवार ने बगावत कर दी थी। तब उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ तड़के राजभवन में शपथ भी ले ली थी। हालांकि, शरद पवार के सक्रिय होने के बाद वह वापस आ गए थे और फिर महा विकास अघाड़ी का गठन हुआ और लगभग ढाई साल तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार चली थी।
महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनने के बाद अजित पवार ने कहा कि एनसीपी के लगभग सभी विधायकों के साथ हमने शिंदे-फडणवीस सरकार के साथ आने का फैसला लिया। हमने शपथ ली और अगले विस्तार में कुछ अन्य मंत्रियों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने आगे कहा, ”हमारे पास सारे नंबर हैं, सारे विधायक मेरे साथ हैं। हम यहां एक पार्टी के रूप में हैं। हमने सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी सूचित कर दिया है। लोकतंत्र में बहुमत को महत्व दिया जाता है। हमारी पार्टी 24 साल पुरानी है और युवा नेतृत्व को आगे आना चाहिए।”
महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर के बाद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार अपनी पार्टी में टूट से विचलित नहीं हैं और नये सिरे से शुरुआत कर सकते हैं। रविवार को एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में अजित पवार ने राज्य की एकनाथ शिंदे नीत सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राउत ने एक ट्वीट में कहा, ”मैंने अभी राकांपा प्रमुख शरद पवार से बात की। उन्होंने कहा कि वह दृढ़ हैं और लोगों का समर्थन हमारे साथ है। हम उद्धव ठाकरे के साथ एक नई शुरुआत कर सकते हैं।”













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