डेस्क:मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को विचलित कर दिया है। आजाद नगर थाना क्षेत्र की मुसाखेड़ी स्थित चौधरी पार्क कॉलोनी में शुक्रवार को 17 वर्षीय राधिका दुबे अपने ही कमरे में फंदे पर लटकी मिलीं। घर का दरवाजा और कमरा दोनों भीतर से बंद थे। बाहर सन्नाटा था और भीतर एक किशोरी ने ज़िंदगी से जूझते-जूझते हार मान ली थी।
परिवार के लौटते ही सामने आया दृश्य इतना भयावह था कि सभी स्तब्ध रह गए। मौके पर पहुंची पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन कमरे में मौजूद दो पेंटिंग्स ने कई सवाल खड़े कर दिए। एक पेंटिंग में एक लड़की जाते हुए ‘गुड बाय’ का इशारा करती दिखती है, जबकि दूसरी में शांत पहाड़ी का दृश्य था—मानो भीतर उठते तूफान को छुपाने की एक अंतिम कोशिश।
राधिका 11वीं की छात्रा थीं। परिवार के अनुसार वह शांत, कला-प्रिय और अपने काम में डूबी रहने वाली लड़की थी, लेकिन बीते कुछ दिनों से उसके व्यवहार में हल्का बदलाव दिख रहा था—एक बदलाव, जिसे समय रहते किसी ने गंभीरता से नहीं देखा। अब वही पेंटिंग परिजनों के मन में दर्द बनकर चुभ रही है।
पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। राधिका का मोबाइल फोन, नोटबुक और पेंटिंग्स जब्त कर जांच शुरू हो चुकी है। दोस्तों, शिक्षकों और परिजनों से पूछताछ जारी है ताकि यह समझा जा सके कि आखिर वह कौन-सी वजह थी जिसने मात्र 17 साल की एक बच्ची को इतनी बड़ी त्रासदी की ओर धकेल दिया। पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया चैट्स की भी बारीकी से जांच कर रही है।













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