नई दिल्ली: सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह नवंबर में 0.7 प्रतिशत बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के नवंबर में 1.69 लाख करोड़ रुपये के संग्रह से थोड़ा अधिक है। हालांकि, घरेलू राजस्व में कमी के कारण जीएसटी संग्रह अपेक्षाकृत कम रहा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य माह में सकल घरेलू राजस्व 2.3 प्रतिशत घटकर 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा। इस गिरावट का मुख्य कारण 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कमी है, जो 22 सितंबर से प्रभावी हुई। वहीं, वस्तुओं के आयात से प्राप्त राजस्व 10.2 प्रतिशत बढ़कर 45,976 करोड़ रुपये रहा।
लोकसभा में पेश किए गए नए बिल
सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कुल कर भार बनाए रखने के लिए सोमवार को दो बिल लोकसभा में पेश किए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच इन विधेयकों को पेश किया।
तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय और द्रमुक सांसद कथिर आनंद ने बिलों का विरोध किया। रॉय ने कहा कि इसमें तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, लेकिन उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की अनदेखी की गई है। वहीं, कथिर आनंद ने कहा कि यह जनता पर कर का अतिरिक्त बोझ डालेगा।
केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक, 2025 के तहत सिगरेट सहित विभिन्न तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, जो तंबाकू पर लगे जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर का विकल्प होगा।
‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ पान मसाला पर लागू होने वाले क्षतिपूर्ति उपकर की जगह लेगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े खर्चों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना है। इसके तहत उन मशीनों या प्रक्रियाओं पर उपकर लगाया जाएगा, जिनसे ये वस्तुएँ बनती हैं। वर्तमान में तंबाकू और पान मसाला पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू है, साथ ही अलग-अलग दरों पर क्षतिपूर्ति उपकर भी वसूला जाता है।













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