कोलकाता:पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा में जीएसटी लगाने की आलोचना की। ममता ने इस मसले पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा और आग्रह किया कि वे जीवन इन पर से 18 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला तुरंत वापस लें। उन्होंने पत्र में कहा कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा का मुख्य उद्देश्य बीमारी, दुर्घटना और अकाल मृत्यु जैसे अप्रत्याशित हालात में वित्तीय सुरक्षा और सहायता देना है। बनर्जी ने एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अगर केंद्र स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाने के फैसले को वापस नहीं लेता है तो पार्टी आंदोलन शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पत्र में कहा, ”मैं बहुत दुख के साथ आपको जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों/ उत्पादों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने और नयी कर व्यवस्था में आयकर अधिनियम की धारा 80सी और 80डी के तहत कटौती वापस लेने के बारे में लिख रही हूं, जो मेरे हिसाब से बेहद जनविरोधी है।” उन्होंने कहा कि बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाए जाने से आम लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ता है।
बनर्जी ने कहा, ”यह अतिरिक्त बोझ कई व्यक्तियों को नई पॉलिसी लेने या अपने मौजूदा बीमा कवरेज को जारी रखने से रोक सकता है, जिससे अप्रत्याशित वित्तीय संकट को लेकर जोखिम बढ़ सकता है।” उन्होंने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था में उपलब्ध आयकर अधिनियम के प्रोत्साहनों को वापस लेने से भी आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने सीतारमण से जनविरोधी कराधान नीतियों की समीक्षा करने और जीवन बीमा तथा स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने का अनुरोध किया है। बनर्जी ने कहा कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने और नयी कर व्यवस्था में ऐसे प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी और 80डी के तहत कटौती शामिल करने से व्यापक बीमा कवरेज की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने वित्त मंत्री से कहा, ”मुझे विश्वास है कि आप इस अनुरोध को पूरी गंभीरता से लेंगी…. मुझे सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।” गौरतलब है कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी जीवन बीमा और चिकित्सा बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत जीएसटी वापस लेने की मांग उठाई है।
उनकी मांग का कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम, समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय और आरजेडी सांसद ए डी सिंह समेत कई लोगों ने समर्थन किया है। इस कर पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार जीएसटी परिषद की बैठक अगस्त में होने वाली है। पिछली बैठक 22 जून को हुई थी।













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