नई दिल्ली : पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी स्थित एक निजी विद्यालय में कथित दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आ गए हैं। दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उपराज्यपाल कार्यालय ने पार्टी की महिला पार्षदों के साथ निर्धारित बैठक रद्द कर दी।
दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि उपराज्यपाल कार्यालय को इस संबंध में किसी प्रकार का औपचारिक अनुरोध प्राप्त ही नहीं हुआ था। पुलिस के अनुसार, बैठक रद्द किए जाने संबंधी दावे तथ्यहीन और भ्रामक हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि न तो उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से कोई बैठक तय की गई थी और न ही उसे निरस्त करने का कोई निर्णय लिया गया।
इससे पहले सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया था कि जनकपुरी विद्यालय प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी की महिला पार्षद उपराज्यपाल से मिलने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है तथा मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से नहीं हो रही।
उल्लेखनीय है कि जनकपुरी के एक निजी विद्यालय में तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों में आक्रोश देखा जा रहा है।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ की जा रही है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।













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