नई दिल्ली : विपक्षी राजनीति में संभावित पुनर्संरचना को लेकर चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने अपने पूर्व सहयोगियों और कांग्रेस से अलग होकर बने दलों के लिए ‘घर वापसी’ के दरवाजे खुले होने का संकेत दिया है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा है कि कांग्रेस से निकले नेताओं और दलों का स्वागत किया जा सकता है, हालांकि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय संबंधी अटकलों को निराधार बताया।
हाल के दिनों में महाराष्ट्र कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों के बाद यह चर्चा तेज हुई है कि शरद पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस भविष्य में कांग्रेस के साथ किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा बन सकते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि टीएमसी के साथ विलय की खबरों का कोई आधार नहीं है। के.सी. वेणुगोपाल ने ऐसी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी फिलहाल संगठन को मजबूत करने और विपक्षी एकता को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
वहीं महाराष्ट्र में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से यह राय रखी है कि कांग्रेस से अलग होकर बने दलों को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होना चाहिए। इसी संदर्भ में शरद पवार और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दलों के भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं।
हालांकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने अब तक किसी औपचारिक विलय प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस तरह की चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विपक्षी दलों के बीच व्यापक एकता की दिशा में कोई पहल होती है तो उसका असर राष्ट्रीय राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों पर पड़ सकता है। फिलहाल कांग्रेस, टीएमसी और एनसीपी (शरद गुट) की ओर से किसी औपचारिक विलय या पुनर्गठन की घोषणा नहीं की गई है।













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