नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा है कि भारत योगासन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने और इसे ओलंपिक खेलों में शामिल कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
मंत्री मंडाविया ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां उन्होंने योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में विकसित करने की भारत की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है और अब इसे आधुनिक खेल प्रारूप में वैश्विक मंच पर स्थापित करने का समय आ गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार और संबंधित खेल संस्थान योगासन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन, मानकीकृत नियमों और वैश्विक भागीदारी को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं, ताकि इसे ओलंपिक मान्यता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
मंडाविया ने यह भी कहा कि भारत पहले ही योगासन को वैश्विक खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में कई कदम उठा चुका है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन और विभिन्न देशों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की यह पहल न केवल योगासन को खेल के रूप में नई पहचान देगी, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगी।
भारत सरकार लंबे समय से खेलों में नए प्रारूपों को बढ़ावा देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की दिशा में सक्रिय रही है।













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