डेस्क:फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत सोमवार को पंजाब के बठिंडा की अदालत में मानहानि मामले में पेश हुईं। अदालत में पेश होकर उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक गलतफहमी पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया—“मैंने माता जी के लिए कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा था। मेरे लिए तो हर मां, चाहे वह हिमाचल की हो या पंजाब की, समान रूप से सम्माननीय है।”
कंगना ने अदालत में कहा कि यह मामला एक री-ट्वीट से जुड़ा हुआ है और इसका उनसे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने महिला किसान महिंदर कौर के पति से भी इस विषय पर बात की थी। कंगना ने कहा, “मैं अपने सपने में भी वैसा नहीं सोच सकती, जैसा दिखाया गया है। यदि किसी को मेरी बात से ठेस पहुंची है, तो मुझे खेद है।”
इससे पहले कंगना ने अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अर्जी लगाई थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। परिणामस्वरूप उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ा।
कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। परिसर के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। किसान संगठनों द्वारा संभावित विरोध को देखते हुए अदालत के चारों ओर नाकेबंदी की गई।
रास्ता भटका, जींद पहुंच गईं कंगना
दिल्ली से बठिंडा जाते समय कंगना का काफिला रास्ता भटक गया और वे जींद पहुंच गईं। यहां उन्होंने करीब आधा घंटा विश्राम गृह में ठहरकर फिर बरवाला होते हुए फतेहाबाद की दिशा में प्रस्थान किया।
किस बात पर हुआ विवाद
2021 के किसान आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने एक ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए आंदोलन में शामिल एक बुजुर्ग महिला पर टिप्पणी की थी। ट्वीट में उन्होंने लिखा था—“हाहाहा, ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगजीन ने भारत की सबसे प्रभावशाली महिला बताया था, यह 100 रुपए में उपलब्ध हैं।”
इस टिप्पणी के बाद बठिंडा जिले के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की 87 वर्षीय किसान महिंदर कौर ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाया था। उनका कहना था कि कंगना ने उन्हें गलत तरीके से शाहीन बाग की बिल्किस बानो बताया। कंगना ने इस केस को रद्द करवाने के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा था कि कंगना ने ‘साधारण रीट्वीट में भी मसाला जोड़ा था।’
जब एयरपोर्ट पर पड़ा था थप्पड़
इसी विवाद के चलते 6 जून 2024 को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की महिला कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मारा था। बाद में कॉन्स्टेबल ने कहा था कि कंगना की टिप्पणी से उसे और उसकी मां को गहरा अपमान महसूस हुआ था, क्योंकि उसकी मां भी किसान आंदोलन में शामिल थीं।













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