नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की औद्योगिक नीतियों को लेकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण इनके सामने कई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
राहुल गांधी ने राजस्थान के जयपुर में बस और ट्रक बॉडी बनाने वाले छोटे उद्योगों का दौरा करने के बाद सरकार पर आरोप लगाए कि परिवहन मंत्रालय के कुछ नियमों और नीतियों से छोटे निर्माताओं और कारीगरों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में लाखों लोग इन छोटे उद्योगों से जुड़े हैं और इनके कमजोर होने का सीधा असर रोजगार पर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार द्वारा प्रचारित ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे अभियान जमीनी स्तर पर छोटे कारोबारियों को अपेक्षित लाभ नहीं पहुंचा पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों का फायदा बड़े उद्योगों को अधिक मिल रहा है, जबकि छोटे उद्यमी संघर्ष कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने छोटे उद्योगों को मजबूत करने की जरूरत बताते हुए कहा कि MSME क्षेत्र न केवल रोजगार उपलब्ध कराता है, बल्कि देश की विनिर्माण क्षमता और स्थानीय कौशल को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने सरकार से छोटे कारोबारियों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की।
वहीं, केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि MSME क्षेत्र को बढ़ावा देना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और छोटे उद्यमों के लिए कई योजनाएं और सहायता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।













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