जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों को नियमित करने के राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है और पूछा है कि सरकारी भूमि पर विकसित कॉलोनियों को नियमित करने का आदेश किस कानूनी प्रावधान के तहत जारी किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन पर बनी कॉलोनियों को नियमित करने से जुड़े आदेश की वैधानिकता पर विचार करना जरूरी है। अदालत ने प्रथम दृष्टया इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से विकसित कॉलोनियों को नियमित करने से सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण पर असर पड़ेगा और इससे भविष्य में अतिक्रमण को बढ़ावा मिल सकता है।
हाईकोर्ट ने नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत यह जांच करेगी कि सरकारी जमीन पर बनी कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए सरकार के पास पर्याप्त कानूनी अधिकार और नियमों का आधार मौजूद है या नहीं।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया फिलहाल रुक गई है। अब अगली सुनवाई में राज्य सरकार का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।













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