नई दिल्ली :राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न तो दूरदर्शिता थी, न सोच और न ही देश को आगे ले जाने की कोई निष्ठा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अगर उनकी बात पर विश्वास न हो, तो लाल किले की प्राचीर से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषणों का विश्लेषण कर लिया जाए।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति अपनाई और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है। हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है।”
प्रधानमंत्री ने आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज तेज गति और कम मुद्रास्फीति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार ने शासन संभाला, तब भारत फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में था, जिसे अब चौथे नंबर तक ले जाया गया है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है।
विपक्ष पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो थक गए, वे चले गए, लेकिन कभी न कभी उन्हें जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे हुई थी कि कोई भी देश भारत से डील करने के लिए आगे नहीं आता था।”
कोविड के बाद बदलते वैश्विक परिदृश्य का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर भरोसे और उम्मीद के साथ देख रही है, और भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बन चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती थी, और देश की गलत स्थिति सुधारने में उनकी सरकार की अधिकांश ऊर्जा लगी।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आजादी के समय भारत दुनिया में छठी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस के शासनकाल में इसे 11वें स्थान तक ले जाया गया। आज भारत हर क्षेत्र में आत्मविश्वास से भरा है और उच्च विकास दर के साथ कम मुद्रास्फीति का यह अनोखा संयोजन अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।













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