डेस्क : महाराष्ट्र के नाशिक स्थित टीसीएस कार्यालय से जुड़े चर्चित मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। आरोपी निदा खान पर आरोप है कि उसने पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, उसका नाम बदलकर नया नाम रखने की कोशिश की और उसे मलेशिया भेजने की योजना बनाई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पीड़िता को धार्मिक तौर-तरीके अपनाने के लिए दबाव में रखा गया। आरोप है कि उसे नमाज पढ़ने, रोजा रखने तथा बुर्का और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी ने पीड़िता को अपने घर बुलाकर इस्लामी पहनावे से जुड़ी बातें भी सिखाईं।
जांच में यह भी दावा किया गया है कि पीड़िता का नाम बदलकर नया नाम रखने की तैयारी की जा रही थी। साथ ही उसे विदेश, विशेष रूप से मलेशिया भेजने की योजना होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस मामले में संभावित संपर्कों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में अगली सुनवाई में अदालत आदेश सुना सकती है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जरूरी है, ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सके।
वहीं बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल इस मामले ने राज्यभर में चर्चा तेज कर दी है।













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