डेस्क : गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड समारोह के दौरान सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पहली पंक्ति में स्थान न मिलने पर कड़ा विरोध जताया है और इसे प्रोटोकॉल तथा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया है।
तमिलनाडु से कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर वर्ष 2014 की एक तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि उस समय वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को किस स्थान पर बैठाया गया था। टैगोर ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में प्रोटोकॉल को जानबूझकर बदला गया है और पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कांग्रेस नेतृत्व का अपमान करना चाहते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पहली पंक्ति में स्थान न देना न केवल शिष्टाचार के खिलाफ है, बल्कि संवैधानिक परंपराओं की भी अनदेखी है। पार्टी नेताओं ने टिप्पणी की कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में मर्यादा की अपेक्षा करना शायद ‘अत्यधिक उम्मीद’ बन गया है।
गणतंत्र दिवस समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहली पंक्ति में बैठे नजर आए, जबकि राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में स्थान मिला। इससे पहले खरगे और राहुल गांधी को साथ बैठा देखा गया था। समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन तथा बड़ी संख्या में राजनयिकों ने भी समारोह में भाग लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रोटोकॉल और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर नई बहस छिड़ गई है, जिसमें सत्ता और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।













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