नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका तथा इजरायल के लगातार हमलों की खबरों के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों की चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, जहां वाहन मालिक एहतियात के तौर पर ईंधन भरवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में तेल की किसी प्रकार की कमी नहीं है और अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकार के अनुसार भारत के पास वर्तमान में लगभग 25 करोड़ बैरल (करीब 4,000 करोड़ लीटर) कच्चे तेल और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का संयुक्त भंडार मौजूद है। यह भंडार देश की कुल आवश्यकताओं को करीब 7 से 8 सप्ताह यानी लगभग 50-60 दिनों तक पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
सरकार ने बताया कि भारत ने अपने ऊर्जा भंडार को किसी एक स्थान पर रखने के बजाय रणनीतिक रूप से पूरे देश में फैला रखा है। कर्नाटक के मैंगलोर, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के पादुर में विशेष भूमिगत रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण सुविधाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा देशभर की रिफाइनरियों और तेल डिपो में विशाल टैंकों में भी बड़ी मात्रा में ईंधन सुरक्षित रखा गया है। हजारों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनों में प्रवाहित हो रहा तेल और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे कई बड़े टैंकर भी आपूर्ति को मजबूत बनाए हुए हैं।
केवल कच्चा तेल ही नहीं, तैयार ईंधन का भी भंडार
सरकार ने स्पष्ट किया कि देश के पास केवल कच्चे तेल का ही नहीं, बल्कि तैयार पेट्रोलियम उत्पादों का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इनमें पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), एलपीजी और एलएनजी जैसी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने वाले ईंधन भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया की अफवाहों पर सरकार की चेतावनी
केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही दो प्रमुख अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है। पहली अफवाह यह थी कि वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है। दूसरी यह कि भारत के पास केवल 25 दिनों का तेल भंडार बचा है। सरकार के अनुसार दोनों दावे गलत हैं।
वास्तव में भारत अभी भी रूस, इराक, संयुक्त अरब अमीरात सहित कई वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से लगातार तेल प्राप्त कर रहा है। सप्लाई चेन के सभी स्रोतों—रणनीतिक भंडार, रिफाइनरियों, पाइपलाइनों और समुद्री टैंकरों—को मिलाकर देश के पास करीब 50-60 दिनों का बैकअप उपलब्ध है, जो किसी भी अल्पकालिक व्यवधान से निपटने के लिए पर्याप्त है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में आकर ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि देश में तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।













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