डेस्क : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों और मंत्रियों से संक्षिप्त प्रश्न और उत्तर देने का आग्रह दोहराया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य जी.एम. हरीश बालयोगी के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, तभी अध्यक्ष ने उन्हें टोकते हुए कहा, “आप भाषण क्यों दे रहे हैं। केवल उत्तर दें।”
जब वर्मा दूसरे पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, तो ओम बिरला ने कहा, “आप लोग संक्षिप्त उत्तर देने की कोशिश क्यों नहीं करते। मैंने सदन में कितनी बार कहा है कि जितना सदस्य पूछे, उतना ही उत्तर दें।”
प्रश्नकाल की शुरुआत में भी अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि प्रश्न संक्षिप्त हों और मंत्रियों के उत्तर भी संक्षिप्त हों। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनका प्रयास है कि सूचीबद्ध सभी 20 पूरक प्रश्न समय पर पूछे और उत्तर दिए जाएं। प्रश्नकाल के समाप्त होने से पहले, अध्यक्ष ने हल्के अंदाज में कहा, “समय कम है, मंत्रीजी को लंबा उत्तर देना है,” और सदस्य को अंतिम पूरक प्रश्न पूछने का निर्देश दिया।
विपक्षी आठ सांसदों का निलंबन रद्द
लोकसभा ने मंगलवार को उन आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया, जिन्हें बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के कारण निलंबित किया गया था। अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई थी, जिसमें निलंबन रद्द करने पर सहमति बनी थी।
संसद में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सदस्यों के आचरण पर खेद जताया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने निलंबन खत्म करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
निलंबन क्यों हुआ था
बजट सत्र के पहले चरण में, तीन फरवरी को सदन में कागज फेंकने के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित किया गया था। इसमें कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और माकपा के एस. वेंकटेशन शामिल थे। निलंबन के बाद से ये सांसद संसद के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे।













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