नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में लगातार बदलते और तनावपूर्ण हालात को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक अहम उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक अंतर-मंत्रालयी समूह के तहत आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्रीय स्थिति के व्यापक प्रभावों की समीक्षा की गई।
बैठक में विदेश नीति, ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक बाजारों पर संभावित असर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सभी संबंधित विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी तैयारियों और जोखिम आकलन की जानकारी प्रस्तुत की।
सरकारी स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति, विशेषकर कच्चे तेल और गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और आयात-निर्यात पर संभावित प्रभावों की भी समीक्षा की गई।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आर्थिक आत्मनिर्भरता और आपूर्ति सुरक्षा को लेकर देश को सतर्क रहने का संदेश दिया था, जिसका प्रभाव इस रणनीतिक बैठक में स्पष्ट रूप से देखा गया।
सरकार का कहना है कि भारत किसी भी वैश्विक संकट की स्थिति में अपनी आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।













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