दोहा :दोहा में मंगलवार को हुए अभूतपूर्व इस्राइली हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। क़तर के प्रधानमंत्री शेख़ मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने बुधवार को चेतावनी दी कि इस हमले ने ग़ाज़ा में बंधकों की रिहाई की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। उन्होंने मांग की कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को न्याय के कटघरे में लाया जाए।
क़तर में हमास नेताओं को निशाना बनाकर किए गए इस्राइली हमले को तेल–समृद्ध खाड़ी क्षेत्र में पहली बार किसी तरह का सीधा हमला माना जा रहा है। अल थानी ने सीएनएन से बातचीत में कहा – “नेतन्याहू ने जो किया, उससे बंधकों की हर उम्मीद खत्म हो गई। क़तर अब भविष्य की युद्धविराम वार्ताओं में अपनी भूमिका को लेकर सबकुछ पुनःआकलन कर रहा है और वॉशिंगटन से अगले कदमों पर चर्चा कर रहा है।”
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब तीन महीने पहले ही ईरान ने क़तर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर जवाबी हमला किया था। अब इस घटना ने ग़ाज़ा युद्धविराम की क़तर-प्रायोजित वार्ताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अमेरिकी सुरक्षा आश्वासनों को भी धक्का पहुँचाया है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल कात्ज़ ने बुधवार को कहा कि “हम अपने दुश्मनों पर कहीं भी कार्रवाई करेंगे।” वहीं नेतन्याहू ने क़तर से मांग की कि वह या तो हमास नेताओं को बाहर निकाले या उन्हें जवाबदेह ठहराए, “क्योंकि अगर आप नहीं करेंगे, तो हम करेंगे।”
ग़ौरतलब है कि 2012 से क़तर हमास के राजनीतिक ब्यूरो की मेज़बानी करता आ रहा है और यह व्यवस्था अमेरिका की सहमति से हुई थी। मिस्र और अमेरिका के साथ क़तर ग़ाज़ा संघर्ष में प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है।
इस बीच इस्राइल ने बुधवार को यमन की राजधानी सना समेत कई हिस्सों में हूती ठिकानों पर भी हमले किए, जिनमें विद्रोहियों के अनुसार 35 लोग मारे गए।
हमास ने कहा कि क़तर में हुए हमलों में उसके छह लोग मारे गए लेकिन शीर्ष नेता बच निकले। संगठन ने इसे इस्राइल की “विफलता” बताया।
व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस्राइली हमले की पहले से जानकारी नहीं थी। ट्रंप ने कहा कि उन्हें सूचना मिलने के बाद उन्होंने अपने दूत स्टीव विटकॉफ़ को क़तर को चेतावनी देने भेजा, लेकिन तब तक हमला शुरू हो चुका था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह “पूरे हालात से खुश नहीं” हैं और क़तर को अमेरिका का मज़बूत सहयोगी मानते हैं।
कनाडा ने भी इस्राइल के साथ अपने संबंधों की समीक्षा करने की घोषणा की है। यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि वह इस्राइल के “कट्टरपंथी मंत्रियों” पर प्रतिबंध लगाने और व्यापारिक संबंधों पर अंकुश लगाने की कोशिश करेंगी। “ग़ाज़ा में जो कुछ हो रहा है उसने दुनिया की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।”
ग़ाज़ा सिटी में भी इस्राइली सेना ने एक और ऊँची इमारत को ज़मींदोज़ कर दिया। टिबा-2 टॉवर को खाली कराने का आदेश देने के बाद उस पर हमला किया गया। चश्मदीदों ने बताया कि लोग अपनी मामूली ज़रूरत की चीज़ें तक नहीं बचा सके और इमारत ध्वस्त होने के बाद मलबे में धूल से सने खाने–पीने के सामान तलाशते बच्चे नज़र आए।
संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में ग़ाज़ा सिटी और उसके आसपास अकाल की आधिकारिक घोषणा की है। इस्राइली हमलों में अब तक 64,656 से अधिक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश आम नागरिक हैं।
वहीं 2023 के हमास हमले में इस्राइल में 1,219 लोगों की मौत हुई थी और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। इनमें से अब भी 47 बंधक ग़ाज़ा में मौजूद हैं, जिनमें से 25 के बारे में इस्राइली सेना का कहना है कि वे मारे जा चुके हैं।












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