स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2024 की विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे संजू सैमसन एक बार फिर खुद को उसी मोड़ पर खड़ा पा रहे हैं, जहां टीम में जगह तो है, लेकिन मैदान में उतरने का भरोसा नहीं। 2024 के विश्व कप में बिना एक भी मैच खेले खिताब जीतने वाले संजू के लिए 2026 का टी20 विश्व कप भी शुरू होने से पहले ही लगभग खत्म होता दिख रहा है। इसकी पुष्टि भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुद कर दी है।
बुधवार, 4 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत के इकलौते वॉर्म-अप मुकाबले में टीम इंडिया एक नई ओपनिंग जोड़ी के साथ उतरी। अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत ईशान किशन ने की। वही ईशान किशन, जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस मैच में संजू सैमसन से पहले विकेटकीपिंग छीनी गई और अब ओपनिंग की जिम्मेदारी भी उनके हाथ से निकल गई।
टॉस के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ कर दिया था कि टॉप ऑर्डर में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ही ओपनिंग करेंगे। यह फैसला संजू सैमसन के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। जो बल्लेबाज कभी विपक्षी गेंदबाजों को पानी मांगने पर मजबूर करता था, वही अब अपनी टीम के लिए पानी ढोने की स्थिति में नजर आ रहा है। न्यूजीलैंड सीरीज और टी20 विश्व कप 2026 के लिए टीम चयन के वक्त संजू को मुख्य ओपनर और मुख्य विकेटकीपर के रूप में चुना गया था, लेकिन अब टूर्नामेंट की शुरुआत बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर के तौर पर करने की नौबत आ गई है।
संजू सैमसन के इस डिमोशन के पीछे किसी तरह की रणनीतिक चाल या पक्षपात नहीं, बल्कि उनका खुद का प्रदर्शन जिम्मेदार रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में उन्होंने सभी मुकाबलों में अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की, लेकिन कुल मिलाकर सिर्फ 46 रन ही बना सके। सीरीज में उनका औसत 9.20 और स्ट्राइक रेट 135.29 का रहा। उनके बल्ले से पांच मैचों में केवल 6 चौके और 2 छक्के निकले। इसके उलट अभिषेक शर्मा ने दो बार शून्य पर आउट होने के बावजूद पांच मैचों में 182 रन बनाए। नंबर तीन पर खेलने वाले ईशान किशन ने चार मैचों में 215 रन जड़े, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फॉर्म में वापसी करते हुए पांच मैचों में 242 रन बनाए।
एशिया कप 2025 से पहले संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ओपनिंग में काफी प्रभावी मानी जा रही थी। दोनों ने मिलकर कई दमदार पारियां खेलीं और यह जोड़ी लंबे समय तक टिकती दिख रही थी। हालांकि, 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू के ड्रॉप होने की चर्चा थी, लेकिन उन्होंने शतक जड़कर न सिर्फ अपनी जगह बचाई, बल्कि अगले करीब एक दर्जन मैचों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
एशिया कप 2025 में टीम कॉम्बिनेशन के चलते संजू को मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करनी पड़ी और बाद की कुछ सीरीजों में वह प्लेइंग इलेवन से बाहर भी हुए। इसी दौरान शुभमन गिल लगातार फ्लॉप होते चले गए। ऐसे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ आखिरी मुकाबले में संजू को फिर से ओपनिंग का मौका मिला, जहां उन्होंने 22 गेंदों में 37 रन की तेज पारी खेली।
इसके बाद जब टी20 विश्व कप 2026 के लिए टीम चुनी गई तो चयनकर्ताओं ने उपकप्तान और ओपनर शुभमन गिल को बाहर कर संजू सैमसन को मुख्य ओपनर और मुख्य विकेटकीपर के तौर पर चुना, जबकि ईशान किशन को उनका बैकअप बनाया गया। लेकिन तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद ईशान किशन को नंबर तीन पर मौका मिला और उन्होंने लगातार विस्फोटक पारियां खेलकर टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीत लिया।
इन परिस्थितियों में अब संजू सैमसन का टी20 विश्व कप 2026 में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। अभिषेक शर्मा या ईशान किशन के चोटिल होने की स्थिति में ही उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, अन्यथा मौजूदा हालात में संजू का मैदान में उतरना लगभग नामुमकिन दिख रहा है।













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