मुंबई:शिवसेना में टूट के बाद अब तक उद्धव ठाकरे गुट के शीर्ष नेताओं की कोई बड़ी बैठक नहीं हुई। पार्टी के स्थापना दिवस से एक दिन पहले उद्धव गुट के नेताओं की बैठक होने वाली है। एकनाथ शिंदे के विद्रोह और भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद यह पहली बार है जब कि शिवसेना (यूबीटी) की मेगा मीटिंग होने जा रही है। काफी विचार के बाद फैसला किया गया है कि यह बैठक वरली में होगी जो कि आदित्य ठाकरे का चुनावी क्षेत्र भी है।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, यह वास्तव में एक मेगा सेशन है जो कि पूरा दिन चलेगा। महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों से पार्टी के पदाधिकारी इसमें शामिल होंगे। इस मीटिंग का मुख्य अजेंडा यही होगा कि किस तरह से एकनाथ शिंदे की सरकार को बाहर किया जाए। बता दें कि एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे दोनों ही सोमवार को शिवसेना का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों हीमुंबई में कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना NESCO ग्राउंड में कार्यक्रम का आयोजन करेगी। यह गोरेगांव में स्थित है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) सेंट्रल मुंबई के सियोन में सन्मुखानंद हॉल में कार्यक्रम का आयोजन करेगी। बीते साल एकनाथ शिंदे 40 विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे। उन्होंने दावा ठोक दिा था कि उनकी शिवसेना ही असली शिवसेना है। बाद में दोनों ही चुनाव आयोग के पास गए।
चुनाव आयोग ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को ही असली करार दिया और धनुष बाण का चुनावी चिह्न भी उसे सौंप दिया। वहीं ठाकरे गुट को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नाम दिया गया। इस पार्टी को मसाल चुनावी निशान के तौर पर दिया गया। दशहरा रैली को लेकर भी दोनों गुटों में भिड़ंत देखने को मिलेगी। अब दो जगहों पर शिवसेना का स्थापना दिवस भी मनाया जाना है।













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