हैदराबाद: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती के लिए परामर्शदाताओं, निवेशकों और उद्यमियों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करने की वकालत की। उन्होंने स्टार्टअप्स की सफलता के लिए सेंस यानी शेयर, शोध, पालन-पोषण, सेवा और सशक्ति का मंत्र दिया।
जी-20 के स्टार्टअप-20 सहभागिता समूह की हैदराबाद में आयोजित बैठक में वीडियो संदेश में गोयल ने कहा कि इस नेटवर्क को स्टार्टअप को मदद और प्रेरणा देनी चाहिए। विचारों के आदान-प्रदान, सर्वोत्तम प्रथाओं और फंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करना चाहिए। साथ ही अनुसंधान और विकास में सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इनोवेशन को बढ़ावा देने में देशों की अलग-अलग भूमिका नहीं है। दुनिया के सभी हिस्सों में स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के वैश्विक प्रयासों को पोषित करने के लिए विश्व राष्ट्रों की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। इससे वैश्विक स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार होगा। गोयल ने कहा कि इनोवेशन सबसे मजबूत स्तंभ होगा जो अमृतकाल में एक विकसित भारत के निर्माण में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि इनोवेशन अर्थव्यवस्था और सामाजिक उत्थान के लिए एक प्रेरक शक्ति रहा है। भारत ने 2016 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अपनी स्टार्टअप यात्रा शुरू की थी। बीते सात वर्षों में इसने उद्यमिता और नए विचारों को बढ़ावा दिया है जिससे स्टार्टअप्स को एक इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिली है।
जी-20 में भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि जी-20 की गति के लिए स्टार्टअप-20 भारत का इनोवेशन है। जी-20 में पहली बार स्टार्टअप-20 सहभागिता समूह बनाया गया है। वहीं, केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि दुनिया में स्टार्टअप की संख्या के मामले में भारत तीसरे संथान पर है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा नौकरी पाने वाला के बजाए नौकरी देने वाला बनना चाहता है। भारतीय स्टार्टअप्स की सफलता हमारे युवाओं के जोश को दर्शाता है।













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