डेस्क : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को पार्टी के सभी लोकसभा सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक को लेकर पार्टी के भीतर चल रही कथित असंतोष और संभावित “ऑपरेशन टाइगर” की अटकलों के बीच इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी 9 सांसद इस बैठक में मौजूद रहे, जिससे संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई। हालांकि, सूत्रों के अनुसार कुछ सांसद प्रत्यक्ष रूप से ‘मातोश्री’ में उपस्थित रहे, जबकि कुछ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में भाग लिया।
बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, संसद में पार्टी की भूमिका और विपक्षी गठबंधन के साथ तालमेल जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल और असंतोष की चर्चाएं लगातार जोर पकड़ रही हैं।
इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने विपक्षी एकजुटता और पार्टी की स्थिति को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन संगठन अभी भी मजबूत है और नेतृत्व के साथ खड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक संवाद नहीं बल्कि पार्टी के भीतर संभावित असंतुलन को संभालने और भविष्य की रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महाराष्ट्र की सियासत में बदलते समीकरणों के बीच यह बैठक शिवसेना (यूबीटी) के लिए संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन भी मानी जा रही है।













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