डेस्क :अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) द्वारा हाल ही में जारी की गई एपस्टीन फाइल्स ने दुनियाभर में तहलका मचा दिया है। एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत 35 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, ईमेल, पुलिस रिपोर्ट्स, तस्वीरें और वीडियो सार्वजनिक किए गए हैं, जिनमें जेफरी एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल के यौन शोषण नेटवर्क के कई चौंकाने वाले खुलासे शामिल हैं। फाइलें न सिर्फ अमेरिका बल्कि यूरोप और अन्य देशों की कई मशहूर हस्तियों को भी जांच के घेरे में ला रही हैं।
शुरुआत: एक मासूम मुलाकात
द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह सब मिशिगन के एक ग्रीष्मकालीन कला शिविर से शुरू हुआ। 14 साल की लड़की (जिन्हें फाइलों में ‘जेन’ के नाम से संदर्भित किया गया है) आइसक्रीम खाते हुए घिसलेन मैक्सवेल से मिलीं, जो अपने यॉर्कशायर टेरियर कुत्ते को घुमा रही थीं। बातचीत शुरुआत में हल्की-फुल्की रही, लेकिन तभी 41 वर्षीय जेफरी एपस्टीन ने एंट्री की। एपस्टीन ने अपनी वित्त-पोषित छात्रवृत्तियों और शिविर के लॉज के बारे में बताया, जिससे जेन प्रभावित हुई।
फ्लोरिडा के पाम बीच में, एपस्टीन ने जेन की मां को प्रभावित करते हुए उन्हें अपने शानदार बंगले में बुलाया। उसने लड़की की प्रतिभा की तारीफ की और मदद का वादा किया, जिससे जेन उसके जाल में फंस गई। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ही महीनों में जेन ‘मसाज’ के बहाने पैसे के लिए एपस्टीन के संपर्क में आने लगी, जो धीरे-धीरे यौन शोषण में बदल गया। जेन लगभग तीन साल तक इस जाल में फंसी रही।
एपस्टीन ने 1000 से अधिक महिलाओं का किया शोषण
जेन की कहानी केवल अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी 35 लाख पन्नों में दर्ज सैकड़ों कहानियों में से एक है। इन फाइलों में ईमेल, पुलिस रिपोर्ट्स, तस्वीरें और पीड़ितों के बयान शामिल हैं। DoJ का अनुमान है कि एपस्टीन ने 1000 से अधिक महिलाओं का यौन शोषण किया, जिनमें अधिकांश के नाम गुप्त रखे गए हैं।
शोषण का तरीका
रिपोर्ट में कहा गया है कि एपस्टीन के तरीकों में स्थान और लक्ष्य के अनुसार भिन्नता थी।
- फ्लोरिडा: गरीब इलाकों की लड़कियों को निशाना बनाकर उन्हें ‘मसाज’ के बदले पैसे देता था।
- न्यूयॉर्क: महत्वाकांक्षी युवतियों को छात्रवृत्ति, प्रभावशाली लोगों से मिलने और पार्टियों में आमंत्रण का लालच देकर फंसाता था।
- पूर्वी यूरोप: मॉडलिंग और प्रसिद्धि का वादा देकर महिलाओं को अमेरिका लाया जाता था।
टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में घिसलेन मैक्सवेल की अहम भूमिका थी। गवाहों ने बताया कि वह स्कूलों का जायजा लेती और परिवारों की आर्थिक स्थिति पूछकर कमजोरियों का पता लगाती थीं। शुरुआत में बच्चों को बहलाने-फुसलाने के लिए सिनेमा, खरीदारी, उपहार और छोटी-छोटी प्रोत्साहन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता था।
300 डॉलर में ‘मसाज’, नेटवर्क बन गया जाल
एपस्टीन मसाज के लिए 300 अमेरिकी डॉलर देता था। अगर कोई लड़की अपनी सहेली को भी लाती, तो अतिरिक्त 300 डॉलर मिलते थे। इससे एक नेटवर्क बन गया जो खुद-ब-खुद चलता रहता था। पीड़ितों को देशभर में हवाई जहाज से पाम बीच, न्यूयॉर्क, न्यू मैक्सिको या एपस्टीन के निजी द्वीप पर ले जाया जाता था, और कुछ मामलों में उन्हें लंदन या पेरिस में भी ठहराया गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि एपस्टीन शिक्षा, चिकित्सा खर्च और छात्रवृत्ति तक के लिए पैसे देता था। कुछ पीड़ितों को दूसरों को भर्ती करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था। ईमेल से पता चलता है कि भुगतान और संसाधनों की योजना पूरी तरह से तैयार की जाती थी, जिससे पीड़ितों की निर्भरता बढ़ती और भागना मुश्किल हो जाता था।
‘मानव गर्भगृह’ बन गया नेटवर्क
समय के साथ एपस्टीन और मैक्सवेल का नेटवर्क और औपचारिक रूप ले गया। ईमेल और डायरी में ‘मसाज के लिए दोस्त ढूंढना’ और लड़कियों का चयन उम्र, रूप-रंग और बुद्धिमत्ता के आधार पर करने की चर्चाएं मिली हैं। किशोरियों द्वारा स्कूल के दोस्तों को भर्ती करना धीरे-धीरे मानव तस्करी गिरोह में बदल गया। डायरी में बार-बार गर्भधारण जैसी घटनाओं का जिक्र है, जिसमें पीड़ित खुद को एपस्टीन और मैक्सवेल की योजना का हिस्सा ‘मानव गर्भगृह’ बताते हैं।
न्याय और मुआवजा
जेफरी एपस्टीन ने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि घिसलेन मैक्सवेल को 2022 में 20 साल की सजा सुनाई गई। 2020 में स्थापित एक मुआवजा कोष ने 150 पीड़ितों को कुल 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया है, लेकिन कई पीड़ितों के लिए यह आर्थिक मुआवजा भी उस त्रासदी से उबार नहीं पाया और वे आज भी मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान हैं।












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