लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को निलंबित कर दिया है। उन पर छात्रवृत्ति योजनाओं और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों में अनियमितता के आरोप हैं। सरकार ने मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2012 से 2017 के बीच छात्रवृत्ति वितरण और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद मेरठ मंडलायुक्त की ओर से जांच समिति गठित की गई थी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित फाइलें और दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोप है कि रुहेल आजम ने सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों और डिस्पैच रजिस्टर के गायब होने की बात कही थी और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
बाद में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में कथित रूप से गायब फाइलें कार्यालय की अलमारी से बरामद हो गईं। इसके बाद शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए रुहेल आजम को निलंबित कर दिया।
सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।













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