सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा, ‘युद्ध में साइबर डोमेन का इस्तेमाल बढ़ा है। यह यूक्रेन युद्ध में भी देखा जा सकता है। ऐसे में डीएमए साइबर एजेंसी का विस्तार करने और चुनौतियों से निपटने की अधिक ताकत पाने की संभावना तलाश रहा है।’ हाल के दिनों में हमारे विरोधियों के बारे में साइबर डोमेन में कई अंतरिक्ष प्रक्षेपण और अन्य तैनातियों की सूचना मिली है। सूत्रों ने कहा कि थिएटर कमांडरों को खतरों का आकलन करने और उनसे निपटने में मदद के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमताओं को मजबूत करना होगा। रक्षा साइबर एजेंसी ने अपने सैन्य आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कर्मियों के खिलाफ कई साइबर हमलों को विफल किया है।
एजेंसियों को अपने क्षमता बढ़ाने की जरूरत
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा साइबर और अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ बनाई गई नागरिक एजेंसियों ने भी अपनी क्षमताएं काफी बढ़ाई हैं। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि इस डोमेन में वैश्विक गतिविधियां और हथियारीकरण तेजी से आगे बढ़ा है। ऐसे में इन एजेंसियों की क्षमताओं का और विस्तार करने की जरूरत है। सेना इन एजेंसियों में स्थायी या दीर्घकालिक साइबर और अंतरिक्ष एक्सपर्ट रखने पर विचार कर रही हैं, जो उन्हें लंबी अवधि के लिए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करने में मदद कर सकते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल-रैंक अधिकारी करेंगे देखरेख
सूत्रों ने बताया कि इन एजेंसियों को लेफ्टिनेंट जनरल-रैंक अधिकारियों के अधीन भी रखा जा सकता है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तहत डीएमए को सरकार की ओर से थिएटर कमांड बनाने का काम सौंपा गया है। यह भविष्य के युद्ध लड़ने के लिए कारगर लड़ाकू संरचनाएं तैयार करेगा। फिलहाल, सेनाओं के बीच थिएटर कमांड को लेकर चर्चा चल रही है। इसे लेकर करीब सभी मुद्दों पर सर्विस और शीर्ष अधिकारियों के बीच आम सहमति बनने की उम्मीद है। ऐसे में जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है।












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