नई दिल्ली : भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने स्वर्ण भंडार प्रबंधन में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पिछले छह महीनों के दौरान 100 टन से अधिक सोना विदेश से भारत में स्थानांतरित किया है। यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच देश की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, आरबीआई लंबे समय से अपने स्वर्ण भंडार का एक हिस्सा विदेशों में सुरक्षित रखता रहा है, जिसमें प्रमुख रूप से बैंक ऑफ इंग्लैंड सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थान शामिल हैं। हालांकि हाल के समय में इस सोने को तेजी से भारत लाने की प्रक्रिया तेज हुई है।
वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत के पास कुल स्वर्ण भंडार का बड़ा हिस्सा अब देश के भीतर सुरक्षित रखा गया है। मार्च 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार आरबीआई के पास लगभग 879 टन सोना है, जिसमें से करीब 570 से 575 टन सोना भारत में है, जबकि लगभग 290 से 314 टन सोना अभी भी विदेशों में रखा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, आपात परिस्थितियों में त्वरित पहुंच की आवश्यकता और विदेशी परिसंपत्तियों पर निर्भरता को कम करना बताया जा रहा है।
हाल के वर्षों में कई देशों के केंद्रीय बैंक भी अपने स्वर्ण भंडार को स्वदेश वापस लाने की नीति अपना रहे हैं। भारत की यह पहल भी उसी वैश्विक प्रवृत्ति का हिस्सा मानी जा रही है।
आरबीआई के इस निर्णय को देश की आर्थिक संप्रभुता और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













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