नई दिल्ली : ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर जारी राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब सरकार और रक्षा विशेषज्ञों की ओर से कड़ा पलटवार सामने आया है। इस मामले में वायुसेना के पूर्व उप प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया ने राहुल गांधी के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि परियोजना को लेकर गलत और भ्रामक तस्वीर पेश की जा रही है।
भदौरिया ने स्पष्ट किया कि ग्रेट निकोबार परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक हितों और आर्थिक विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हिंद महासागर में भारत की उपस्थिति को मजबूत करेगा और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।
राहुल गांधी ने हाल ही में इस परियोजना को “पर्यावरण और जनजातीय हितों के खिलाफ बड़ा अपराध” बताते हुए आरोप लगाया था कि इससे बड़े पैमाने पर वनों की कटाई और स्थानीय समुदायों का विस्थापन होगा। उन्होंने इसे विकास के नाम पर विनाश करार दिया था।
इन आरोपों का जवाब देते हुए भदौरिया ने कहा कि सरकार द्वारा सभी पर्यावरणीय मानकों और आवश्यक स्वीकृतियों का पालन किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परियोजना में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय हितों के बीच संतुलन रखा गया है।
सरकारी पक्ष का कहना है कि यह परियोजना लगभग 81,000 करोड़ रुपये की है, जिसमें ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, पावर प्लांट और आधुनिक टाउनशिप शामिल हैं। इससे क्षेत्र में रोजगार, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा।
इधर विपक्ष लगातार इस परियोजना पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार और सुरक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक जरूरत बता रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।













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