डेस्क :बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। राज्य में इस साल अब तक सुरक्षा बलों और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ों में 4 कुख्यात अपराधियों को मार गिराया गया है, जबकि 9 अन्य अपराधी गोली लगने से घायल हुए हैं। वहीं कई अभियानों में कई अपराधियों की गिरफ्तारी भी की गई है।
सूत्रों के अनुसार, बिहार में औसतन हर महीने करीब 3 मुठभेड़ की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं। इनमें कुछ मामलों में अपराधी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारे गए, जबकि कई मामलों में पुलिस ने पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया है।
बड़े अपराधियों पर लगातार शिकंजा
एसटीएफ द्वारा की गई हालिया कार्रवाई में कई बड़े नाम शामिल रहे हैं। वैशाली, मोतिहारी और सुल्तानगंज जैसे क्षेत्रों में हुए अभियानों में हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित अपराधियों को निशाना बनाया गया। कई मामलों में मुठभेड़ के दौरान भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं।
हाल ही में सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड के आरोपी कुख्यात अपराधी को भी मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
730 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी
एसटीएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार महीनों में राज्यभर में 730 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई इनामी अपराधी और नक्सली भी शामिल हैं। इसके अलावा 17 से अधिक अपराधियों को अन्य राज्यों से पकड़कर बिहार लाया गया है।
संगठित अपराध पर सख्त रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में संगठित अपराध, हथियार तस्करी और गैंगवार जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार तेज किया गया है। कई जिलों में टॉप-10 अपराधियों की सूची बनाकर विशेष कार्रवाई की जा रही है।
लगातार बढ़ते ऑपरेशन
एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है, बल्कि अवैध हथियारों के नेटवर्क को भी तोड़ा जा रहा है। हालिया अभियानों में बड़ी संख्या में हथियार, कारतूस और अवैध सामग्री भी जब्त की गई है।













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