डेस्क:समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा के स्वदेशी के नारे पर सवाल उठाते हुए बुधवार को कहा कि अगर भाजपा मन से स्वदेशी है तो उसकी सरकार भारतीय बाजार के बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा जमाये बैठे चीन पर टैरिफ क्यों नहीं लगाती। लखनऊ के प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने स्वदेशी नारे को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि सरकार हमें और आपको स्वदेशी-स्वदेशी का चूरन खिला रही है। जिस तरीके से अमेरिका ने टैरिफ लगाया है, आप (भारत) भी उसी तरह चीन पर टैरिफ लगा दीजिये। भाजपा के मुंह पर तो स्वदेशी है लेकिन उसके मन में विदेशी है। अगर भाजपा सरकार मन से स्वदेशी होती तो चीन पर टैरिफ लगाती। चीन हमारे सबसे ज्यादा बाजार खा रहा है।
अखिलेश यादव ने सुशासन के प्रति भाजपा सरकार की संकल्पबद्धता पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि अखबारों में सरकार की खबरों की ‘हेडलाइन’ जितनी सुंदर दिखायी देती है उतनी सरकार की प्रतिबद्धता नहीं दिखाई देती और वह झूठ बोलती है। उन्होंने गोमती नदी की सफाई की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार का जाने का वक्त आया तब उन्हें गोमती की सफाई याद आई।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह सरकार नदियां नहीं साफ कर रही है। यह बजट साफ कर रही है। हर अच्छी चीज को कैसे खराब करना है, सरकार उसके लिए योजना बनाती है। कैसे लूटा जाए, वह उसकी योजना बनाती है। सरकार हर योजना में लूट की योजना बनाती है।
किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार किसानों को कोई चीज उपलब्ध नहीं करा रही है। कहीं भी खाद नहीं मिल रही है। जरूरत पर डीएपी खाद कहीं नहीं मिल रही है। गन्ने की कीमत नहीं बढ़ायी गयी। यह सरकार तो केवल किसानों की जमीन और फसल लूट रही है। सरकार ने बड़े-बड़े कारोबारियों को रियल एस्टेट बैंक और बड़े-बड़े लैंड बैंक बनाने की खुली छूट दे दी है। सच्चाई तो यह है कि किसानों के प्रति यह सरकार कभी ईमानदार नहीं रही है।













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